ओवैसी ने कहा ‘मुस्लिम क्रान्तिकारियो को याद नही करते’, पी मोदी ने लाल किले से दिया जवाब

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भारत में कई नेता है जो अक्सर केवल और केवल धर्म की राजनीति करते हुए ही नजर आते है. चाहे आम जिन्दगी हो, देश का मुद्दा हो या फिर इतिहास की गणित हो हर जगह पर वो अपने समुदाय से जुडी बाते करते हुए नजर आते है और ऐसे में जब इसकी अति हो जाती है, तो फिर सही तरीके से जवाब देना भी जरूर हो जाता है. अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भी सांसद ओवैसी को बिना नाम लिए सीधे तौर पर जवाब देने की कोशिश की है और ये काफी ख़ास भी है.

पिछले रविवार को ओवैसी ने उठाया था सवाल
अभी बीते रविवार को ही एएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असुसुद्दीन ने भाजपा व प्रधानमंत्री को एक तरह से देश में मुस्लिमो को साइड लाइन करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अभी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के मुस्लिम महापुरुषों को याद करेंगे जिन्होंने भी आजादी में अपनी तरफ से योगदान दिया था? इस सवाल पर राजनीति काफी अधिक गरम हो गयी और ओवैसी पर क्रांतिवीरो को बांटने का आरोप लगा.

पीएम ने लाल किले की प्राचीर से याद किया अशफाक उल्ला खां को
हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले पर कोई भी सीधा जवाब नही दिया लेकिन अपने भाषण के माध्यम से जवाब जरुर भेज दिया है. उन्होंने लाल किले पर अपने भाषण में दो मुस्लिम क्रान्तिकारियो अशफाक उल्ला खां और वीरांगना हजरत महल को भी न सिर्फ याद किया बल्कि उन्हें अपने शब्दों के माध्यम से नमन भी किया.

आम तौर पर प्रधानमंत्री मोदी में एक खूबी देखी जा सकती है कि वो चाहे किसी को जवाब न दे रहे हो सीधे नाम लेकर के लेकिन बातो ही बातो में वो सामने वाले को जता जरुर देते है कि उसके द्वारा जो कोई भी आरोप आदि लगाये जा रहे है वो अपने आप में गलत और बेबुनियाद है.

हालांकि इस वाकिये के बाद में सोशल मीडिया पर भारी संख्या में लोग ओवैसी और उसकी पार्टी को खरी खोटी सुना भी रहे है और सवाल भी कर रहे है कि आखिर स्वतंत्रता सेनानियों क हिन्दू मुस्लिम में बांटने का अधिकार उनको किसने दे दिया.

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