कुछ ख़ास नही बिकी लाल सिंह चड्डा की टिकटे, फिर कैसे और कौन चला रहा भारी एडवांस बुकिंग की खबरे

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वर्ष 2017 में भारत में एक फिल्म रिलीज हुई जिसका नाम था ‘बाहुबली’, फिल्म की टिकट्स को लेकर इस तरह के हाल थे कि लोगो को लंबा इन्तजार करना पड़ा. ऐसी ही कई बार हालत हॉलीवुड में मार्वल की ब्लॉकबस्टर फिल्मो जैसे एवेंजर्स: एडगेम, स्पाइडरमैन के लिए देखने में आया था. इनकी एडवांस बुकिंग को देखकर लग रहा था कि इन्हें तो सुपर हिट होना ही है और सही मायनों में ऐसा हुआ भी. अब ऐसी ही खबरे आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्डा को लेकर भी आ आ रही है.

8 करोड़ की एडवांस बुकिंग का दावा, मीडिया समूह में भारी भरकम शब्दों से चल रही हेडलाइन
देश के टॉप मीडिया ग्रुप्स ने लाल सिंह चड्डा की बुकिंग का आंकड़ा बताते हुए कहना शुरू कर दिया कि ये फिल्म बेहतर कर रही है. एक मीडिया पोर्टल ने लिखा ‘इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही फोड़ डाला’ एक अन्य लिखता है ‘फिल्म से पहले ही जबरदस्त एडवांस बुकिंग.’. इसी तरह के शब्दों के ताने बाने के साथ में पूरा सोशल मीडिया अटा पड़ा है. मगर क्या वाकई में इस तरह की हेडलाइन बना लेना वाजिब दिखाई देता है?

डाटा चेक में खाली दिख रहे सिनेमा हॉल, तुलनात्मक रूप से अधिक स्क्रीन के कारण बढ़कर दिख रहे हो सकते है आंकड़े
दरअसल आमिर खान स्टारर इस फिल्म के लिए पूरे देश में 3500 स्क्रीन खरीद ली गयी है जो काफी अधिक है और लोगो को इसके कारण से  दूसरी फिल्म देखने के ऑप्शन तुलनात्मक रूप से कम ही मिलने वाले है. अब बात यही पर ही नही रूकती है, हमने देश की राजधानी दिल्ली में कुछ लोकप्रिय सिनेमा हॉल की बुक हो चुकी सीट्स का डाटा एनालसिस किया जिसमे आंकड़े चौंकाने वाले है.

रिलीज के पहले दिन द्वारका वेगास मॉल में एक शो के लिए बुकिंग संख्या की औसत प्रति शो महज 10 से 40 के बीच में झूल रही है. ऑनलाइन उपलब्ध आंकड़ो में एनसीआर के कई और मॉल जैसे पेसिफिक मॉल गाजियाबाद, वेव सिनेमा, आईनॉक्स स्वर्ण नगरी आदि में भी आंकड़ा काफी कम है जो मुश्किल से 20 दर्शको की एडवांस बुकिंग छू पा रहा है और कई शोज में ये अभी शून्य पर भी अटका हुआ है.  औसतन एक हॉल में 400 सीट होती है और यदि बुकिंग का  औसत आंकड़ा 25 (जो आज के डाटा के हिसाब से अधिक ही लग रहा है) भी मान लिया जाये तो भी ये 7 प्रतिशत ही माना जा सकता है. इसे लेकर एक ट्विटर पर स्क्रीनशॉट भी वायरल हुआ है जिसमे दावा किया जा रहा है कि आमिर खान जो खुद मुफ्त में एक स्क्रीन आयोजन में थे लेकिन वहां पर भी कई सीट्स खाली नजर आ रही है.

यानी अभी जिस तरह की हेडलाइन मीडिया में देखने को मिली है वो अपने आप में अजीब है जिसके कारण से फिल्म विश्लेषक इनके डाटा एनालसिस और खबर लिखने की पद्धति पर भी प्रश्न उठा रहे है. हालांकि आखिर में तो 11 अगस्त को सब स्पष्ट हो ही जायेगा कि फिल्म कितना अच्छा परफॉर्म कर रही है.

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