सोनिया गांधी ने स्मृति ईरानी से कहा ‘तुम मुझसे बात ही मत करो’, स्मृति ने किया पलटवार

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अभी भारतीय राजनीति का पारा काफी अधिक गरम पड़ते हुए नजर आ रहा है और माजरा जिस तरह से गरमा रहा है वो हम भी काफी अधिक अच्छे तरीके से समझ सकते है. दरअसल हाल ही में द्रोपदी मुर्मू जी को लेकर जिस तरह के विवाद पैदा हुए है उसके कारण से कांग्रेस पार्टी काफी अधिक विवादों में फंस गयी है और इसके पीछे का कारण सिर्फ और सिर्फ एक नेता को माना जा रहा है जो है अधीर रंजन चौधरी और उनके एक बयान से पूरे सदन में कांग्रेस के लिए आफत खड़ी हो गयी है.

राष्ट्रपत्नी सबके लिए है हमारे लिए क्यों नही?
दरअसल द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के बाद में अधीर रंजन चौधरी से जब मीडिया से सवाल किया कि आप राष्ट्रपति भवन जा रहे थे या फिर जाने नही दिया गया था, इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा ‘हिन्दुस्तान की राष्ट्रपत्नी सभी के लिए है तो हमारे लिए क्यों नही?’ इस तरह के अजीब बयान एक महिला को लेकर देने के बाद विवाद बढ़ा तो उन्होंने माफ़ी मांग ली और कह दिया कि मेरी जुबान फिसल गयी थी.

सोनिया गांधी पर हमलावर हुई स्मृति ईरानी
अधीर रंजन चौधरी का महज एक बयान कांग्रेस पर इस कदर भारी पड़ गया कि भाजपा इसी के आधार पर पूरी पार्टी को घेरने पर आमादा हो गयी. इसके बाद स्मृति ईरानी ने तो ये तक कह दिया कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए. इस दौरान दोनों पार्टियों में काफी झडप देखने को मिल रही थी.

सेशन खत्म होने के बाद में सोनिया गांधी सदन की ट्रेजरी बेंच के पास में शिकायत लेकर के पहुंची और पूछा कि जब अधीर रंजन चौधरी इस पर माफी मांग चुके है तो मुझे इसमें क्यों घसीटा जा रहा है? इसी बीच स्मृति ईरानी वहाँ पर पहुँच जाती है और पूछती है सोनिया मैडम मैं आपकी कुछ मदद कर सकती हूँ? पहले ही स्मृति ईरानी पर गुस्सा खाए हुए बैठी कांग्रेस अध्यक्षा ने हाथ करते हुए साफ़ शब्दों में कह दिया ‘डोंट टॉक टू मी’ अर्थात मुझसे बात ही मत करो. इसके बाद में दोनों के बीच में काफी देर तक तू तू मैं मैं देखने को मिली और फिर दोनों चली गयी.

इससे इतना तो पता चल ही रहा है कि महज एक बयान के कारण से पूरी की पूरी किस तरह से मुसीबत में आ सकती है और उसे सीधे तौर पर राष्ट्रपति के सम्मान, महिला सम्मान और आदिवासी समूहों के साम्मान से जोड़ दिया गया है, जिसके बाद में कांग्रेस भी एक तरह से भाजपा के प्रेशर में आ चुकी है क्योंकि उलट कर कुछ बोलने पर यही समुदाय इनके खिलाफ हो सकते है.

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