नयी संसद के बीच में अशोक स्तम्भ की हिन्दू विधान से पूजा कर अनावरण, ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा

0
1219

देश में नये संसद भवन का  निर्माण किया जा रहा है और इसको लेकर के दिल्ली में काफी अधिक सकारात्मक माहौल है. हालांकि समय की जरूरत को देखते हुए ऐसा करने की आवश्यकता समझी गयी और आज के समय में देश में एक नए सदन के भवन का निर्माण लगभग पूरा होने के कगार पर पहुँच चुका है और इसका नजारा हमें हाल ही में आयोजित एक छोटे से फंक्शन के दौरान देखने को मिला जो अपने आप में देश और दुनिया का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करते हुए दिखा.

प्रधानमंत्री मोदी ने किया अशोक स्तम्भ का अनावरण, स्पीकर ओम बिडला भी थे मौजूद
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में नए संसद भवन में पहुंचे जहाँ पर उनके साथ में स्पीकर ओम बिडला भी मौजूद थे. वहां पर 20 फीट ऊँचे और 9500 किलो भारी अशोक स्तम्भ का अनावरण किया गया. इसका कार्य पूरे हिन्दू विधि विधान के साथ में किया गया और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलो के द्वारा ही इसे संपादित किया गया. इस राष्ट्रीय प्रतीक को संसद के बिलकुल मध्य में स्थापित किया गया है जो बड़ा ही भव्य है.

ओवैसी ने बताया गलत, संवैधानिक मानदंडो के खिलाफ
अभी जो कुछ भी देश के नए संसद भवन में हुआ है उस पर कई लोग खुश हुए है लेकिन ओवैसी ने इस पर साफ़ तौर पे नाखुशी जाहिर की है. हैदराबाद के सांसद ने कहा कि संविधान न्यायपालिका, कार्यपालिका और सरकार तीनो को अलग अलग करता है व इनकी ताकतों को भी अलग करता है.

प्रधानमंत्री मोदी सरकार के प्रतिनिधि है और उनको इस तरह से संसद में राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण नही करना चाहिए वही स्पीकर ओम बिडला लोकसभा के प्रतिनिधि है तो वो वहां पर पीएम के साथ कैसे जा सकते है?  वो सरकार के अंडर नही है. जो कुछ भी हुआ है वो अपने आप में संविधान के दायरे में नही है.

खैर सिर्फ ओवैसी ही नही बल्कि कई विरोधी लोग सवाल कर रहे है और इसके पीछे का एक बड़ा कारण ये भी माना जा  रहा है कि इनमे से किसी को भी यहाँ पर जो भी आयोजन हुआ है उसके लिए न्योता नही दिया गया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here