अजमेर शरीफ दरगाह में पहली लगती थी लम्बी भीड़, अब गिने चुने लोग जा रहे व्यापारियों को घाटा

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भारत में मुस्लिमो के सबसे अधिक लोकप्रिय धार्मिक स्थलों का जिक्र आता है तो उसमे अजमेर शरीफ की दरगाह पहले स्थान पर आती है और यह काफी लम्बे समय से केंद्र में रही भी है. कई सदियों से अपना वजूद लेकर के बैठी हुई दरगाह और यहाँ के लोग इन दिनों में वो स्थिति को महसूस कर रहे है जो आज से पहले कभी भी नही देखी गयी और ये अपने आप में इतिहास में पहली बार हो रहा है जब अजमेर में ऐसा कोई नजारा देखने को मिल रहा है.

अजमेर दरगाह आने वाले टूरिस्ट्स में भारी गिरावट, व्यापारियों में निराशा
अभी जो भी घटनाक्रम हुए है उसे देखते हुए बहुत ही बड़ी संख्या में लोगो ने अजमेर जाने से परहेज करना शुरू कर दिया है क्योंकि माहौल में भी काफी गर्मी नजर आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जहाँ इस मजहबी क्षेत्र के आस पास पाँव रखने की जगह नही मिलती थी वहां पर दूर दूर तक खालीपन नजर आ रहा है. बड़ी संख्या में हिन्दू धर्म से जुड़े पर्यटक जो इसे देखने जाते थे वो भी चिंता के चलते वहाँ नही जा रहे है.

कई जगहों पर रिपोर्ट किया गया है कि यहाँ से कमाई करने वाले व्यापारियों को 90 प्रतिशत तक का घाटा हुआ है और ऐसा आम तौर पर किसी और धर्म से जुड़े स्थल पर इतिहास में देखा नही गया है. अब आगे भी यही स्थिति रहती है तो यहाँ पर रहने वाले और गुजारा करने वाले लोगो के लिए आगे चलकर के आर्थिक रूप से काफी दिक्कते खड़ी हो सकती है.

उदयपुर घटना के बाद आ रहे गलत प्रभाव
जिस तरह की घटना उदयपुर में देखी गयी और उसके बाद में अजमेर शरीफ दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती के द्वारा नुपुर शर्मा के ऊपर गलत बयानबाजी की गयी और फिर दोनों ही  पक्षों के जुलूस अजमेर शहर में अपनी अपनी शक्ति दिखाने के मकसद से निकले उसके बाद से माहौल काफी खराब होते हुए नजर आया.

हालांकि प्रशासन और सरकार लगातार कोशिश कर रहा है कि चीजे सामान्य स्थिति में ही रहे लेकिन जिस तरह की चीजे पिछले कुछ दिनों में देखने को मिली है उसके चलते हुए परेशानी को बढ़ने से रोकने में काफी ताकत लगने वाली है.

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