शिंजो आबे के निधन पर भारत और मोदी दुखी, लेकिन एक देश के लोग मना रहे है खुशियाँ

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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का अभी हाल ही में निधन हो गया है. वो एक जनसभा चल रहे थे और तभी एक गोली के बाद दूसरी गोली चली थी, जिसके लगने के बाद में उन्हें दिल का दौरा भी पडा व कुछ समय के पश्चात जापान की सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी कि जापान के महान व विजनरी लीडर शिंजो आबे अब इस दुनिया में नही रहे. ये अपने आप में दुःख भरी बात थी और विश्व के कई लोग इस पर शोक जता रहे लेकिन कई जगह हैरान करने वाले नजारे देखने को मिले.

चीन में लोग सोशल मीडिया पर मना रहे खुशियाँ, अमेरिकी मीडिया ने किया रिपोर्ट
हाल ही में अमेरिकी व कई वेस्ट की मीडिया में चीन के सोशल मीडिया के कई सारे वहां की देशी भाषा में लिखे हुए स्टेटमेंट्स और स्टेटस के स्क्रीनशॉट तैर रहे है. इनमे लोग शिंजो आबे के निधन पर खुशियाँ मना रहे है, कह रहे है एक दुश्मन कम हो गया तो कई लोग कह रहे है इस मौके पर 12 प्रतिशत तक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है.

मामला इस हद तक बढ़ गया कि अपने ही लोगो की इन खुशियों को दुनिया से छुपाने के लिए सब कण्ट्रोल करने हेतु चीन सरकार को बीच में आना पड़ा और मामला दबाने का प्रयास हुआ लेकिन ऐसा हो नही पाया. दरअसल जापान के पूर्व प्रधानमंत्री इंडो पेसिफिक के रक्षक माने जाते रहे है जिन्होंने क्वाड की नींव रखी थी और उन्ही के कारण आज चीन को साउथ चीनी समुन्द्र में रोके रखने की एक वैश्विक नीति आकार ले पायी है जिस कारण से उन्हें चीन में काफी नापसंद किया जाता है.

भारत के रहे समर्थक, हमेशा मित्रता निभाई
दूसरी तरफ जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारतवर्ष के हमेशा से ही एक बड़े समर्थक मित्र रहे है. आर्थिक निवेश करना हो आपस में स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप विकसित करना हो या फिर टेक्नोलॉजी के मामले में सहायता करना हो शिंजो आबे ने कई मायनों में भारत के साथ में अपनी मित्रता को निभाने का कार्य ही किया है.

क्वाड की नींव रखकर के जापान के पूर्व प्रधानमंत्री ने चार देशो जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका को न सिर्फ एक मंच पर ला दिया बल्कि आपस में एक मित्रवत समूह को बढाते हुए चीन के बढ़ते हुए विस्तावाद के साम्राज्य पर लगाम लगाने का भी काम किया.

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