एकनाथ शिंदे ने दिया उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, पहले सरकार छीनी और अब..

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महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ हफ्तों में एकनाथ शिंदे एक बहुत ही बड़े व ताकतवर नेता के रूप में उभर कर के सामने आये है और लगभग हर कोई बहुत ही अधिक अच्छे से देख भी पा रहा है कि किस तरह से उन्होंने शिवसेना में एक तरह से पूरा पाला ही बदल दिया है. शिंदे द्वारा अधिकतम शिवसेना  के ही विधायको के साथ में मिलकर के भाजपा संग सरकार बना लेना और उद्धव ठाकरे को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर करना अपने आप में बड़ा इवेंट था, मगर ये सब अभी भी रूक नही रहा है.

ठाणे नगर निगम के 67 में से 66 विधायको ने छोड़ा उद्धव का साथ, शिंदे गुट में हुए शामिल
अभी हाल ही में जो रिपोर्ट सामने आयी है उसके अनुसार ठाने नगर निगम जहाँ पर शिवसेना की अच्छी पकड़ थी क्योंकि यहाँ पर उनके पूरे 67 पार्षद थे. इन्होने आपस में निर्णय करके उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर के शिंदे गुट में जाने का निर्णय किया है और इसी के साथ में वो उनके साथ में शामिल हो चुके है.

महाराष्ट्र में सत्ता गँवा देने के बाद में ये अपने आप में बहुत ही बड़ा दूसरा झटका है जो एकनाथ शिंदे के कारण से उद्धव ठाकरे और उनके साथी नेताओं को लगा है. इसके बाद में उनकी पार्टी पर से  पकड़ और ज्यादा कमजोर होते हुए नजर आ रही है चाहे वो अभी दल के अध्यक्ष ही क्यों न हो.

सांसद कर रहे सुलह का प्रयास, चल रही विरासत की लड़ाई
जिस तरह से एकनाथ शिंदे मजबूत हुए है उसके बाद में शिवसेना के कुछ सांसदों ने मिलकर के उनकी और उद्धव ठाकरे दोनों के बीच में सुलह करवाने की कोशिश भी की है ऐसा कई मीडिया रिपोर्ट्स में नजर आया है. हालांकि अभी ये मामला जिस मोड़ पर जा पहुंचा है उसके बाद में सुलह होने की संभावना बेहद कम है.

अब फिलहाल  के लिए ये लड़ाई विरासत के लिए बन चुकी है कि आखिर मूल शिवसेना का वारिस कौन है जो बाला साहेब के कामो को आगे लेकर के जाएगा? इस सम्बन्ध में दोनों ही गुटों के अपने अपने तर्क है और अपनी अपनी बाते है.

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