एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद में पहली बार आयी शिवसेना की प्रतिक्रिया

0
1703

अभी हाल ही में महाराष्ट्र में बहुत ही बड़ा राजनीतिक हेर फेर देखने को मिला है जो अपने आप में कई लोगो के लिए पूर्ण रूप से अप्रत्याशित सा ही था. कुछ समय पहले तक किसी ने भी इस बात की उम्मीद नही की थी कि अचानक से यूँ शिवसेना में इतनी बड़ी फूट पड़ेगी और एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे को छोड़कर के भाजपा के साथ में न सिर्फ मिल जायेंगे बल्कि वो प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बन जायेंगे. इससे जहाँ भाजपा काफी खुश है वही विपक्षी काफी नाराज है.

सामना में शिवसेना ने लिखा, बाजार में सब रक्षक बिकने के लिए उपलब्ध है
अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने जमकर के शिंदे सरकार के ऊपर निशाना साधा और कहा कि राज्यपाल ने न्याय को खूँटी पर टांग दिया और अपना फैसला सुना दिया. महाराष्ट्र के विधायको को पहले तो सूरत ले गये फिर असम ले गये और अब बीजेपी वालो ने इनका स्वागत मुंबई में एयरपोर्ट पर किया. देश के हजारो सीमा के जवान मुंबई में उतरे आखिर ये सब कुछ किसके लिए? केंद्र ही कर रहा है.

ये सब उन विधायको की रक्षा के लिए किया गया जो बाला साहेब ठाकरे से विद्रोह किये है? अब भारत जैसे महान देश में नैतिक पतन हो गया है क्योंकि यहाँ पर जो रक्षक है वो भी बिकने के लिए तैयार बैठे है. सामना में शिंदे और उनके साथियो को द्रोही करार देने की पूरी कोशिश की गयी है.

फडनवीस पर भी निशाना
आगे कहा गया वो लोग जो कहते थे सत्ता के लिए हमने दगा नही दिया वो सीएम का मुकुट पहन कर बैठ गये है और वो भी उनके समर्थन से जो लोग कल तक ये कह रहे थे कि तुम्हारी पार्टी में जो भी बगावत हुई है उससे हमारा कोई भी सम्बन्ध नही है. हम लोगो को तो फडनवीस को देखकर के अब हैरानी होती है.

आगे भी कई इतिहास के किस्सों का जिक्र करके शिवसेना ने भाजपा और एकनाथ शिंदे के मिलन को गलत करार देने की हर संभव कोशिश की है, मगर अब तो जो होना था सो हो चुका है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here