आन्दोलन के बाद भी अग्निवीर योजना वापिस नही ले पाएगी मोदी सरकार, बड़ी खास है वजह

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अभी हम देख ही रहे है कि सरकार के द्वारा लाई गयी अग्निवीर योजना अपने आप में लोगो के बीच में सुर्खियाँ बना रही है. अब तक सेना में रेगुलर तरीके से भर्ती होती थी लेकिन अभी के लिए कुछ नए तरीके की भर्ती प्रणाली लाई गयी है और ये अपने आप में लोगो के लिए खास तौर पर प्रभाव डालने वाली होगी. मगर इसके चलते बिहार जैसे कई राज्यों में आन्दोलन देखने को ममिल रहा है. सबसे पहले तो हम जरा इस योजना को समझ लेते है तब मामले की तह तक जा सकते है.

चार साल के लिए होगी भर्ती, कम उम्र के युवा लिए जायेंगे
अभी हाल ही में नयी अग्निपथ भर्ती की प्रक्रिया में बताया गया कि साढ़े 17 से लेकर 21 साल के युवा इसके लिए पात्र होंगे. 12वी पास लोग अप्लाई कर सकेंगे और सबसे महत्त्वपूर्ण बात ये होगी कि इसमें 4 साल के दौरान 30 हजार से अधिक की मासिक तनख्वाह और आखिर में 10 लाख के करीब रकम भी अंत में संयुक्त निधि से मिलेगी. बादमे ये लोग चाहे तो  सेना में वोलियंटर कर सकते है और फिर समय समय पर इनको परमानेंट किया जायेगा.

इसी के विरोध में देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है और कहा गया कि इससे जॉब सिक्यूरिटी खत्म होगी और युवा जो सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे है उनके साथ धोखे जैसा होगा. विरोध में कई जगहों पर ट्रेने रोकी गयी और सार्वजानिक सम्पति को नुकसान भी पहुँचाया गया.

सेना की औसत उम्र कम करने के लिए हो गया है जरूरी
अभी सरकार और सेना काफी अच्छे से एक बात समझ रही है कि भारतीय सेना की औसत उम्र काफी बढती जा रही है जो वर्तमान में 33 वर्ष हो चुकी है और सरकार इसमें जवान लड़के भर्ती करके औसत आयु 26 तक लाना चाहती है क्योंकि सेना में जवान लोग होने पर वो अधिक रिस्पोंसिव और बेहतर काम करने वाली होती है.

वर्तमान की रेगुलर भर्ती प्रणाली से ऐसा संभव हो नही पा रहा था और अब देश की सीमाओं को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने के लिए अग्निवीरो को लाना काफी अधिक आवश्यक हो गया था.

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