खुदको पार्टी से निकाले जाने पर नुपुर शर्मा ने दी पहली बार प्रतिक्रिया

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भाजपा की जानी मानी नेता के तौर पर अपनी एक बड़ी पहचान बनाने के बाद में एक प्रवक्ता के रूप में उभरी हुई नेता नुपुर शर्मा इन दिनों में अपने ही दल से निष्कासन का सामना कर रही है. इसके पीछे का कारण है नुपुर के द्वारा मुस्लिम धर्म के ऊपर दिए गये बयानों के बाद में खाड़ी देशो के द्वारा बनाया गया दबाव जिसके कारण से भाजपा ने स्थिति को संभालते हुए नुपुर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तक से भी निष्कासित कर दिया और उनके साथ में नवीन जिंदल भी हटा दिए गये है.

नुपुर को पार्टी से कोई शिकायत नही, बोली निर्णय का सम्मान
बड़े ही लम्बे समय से लोग नुपुर शर्मा से प्रतिक्रिया लेना चाह रहे थे कि खुदको दल से निष्कासित किये जाने पर वो अब इसे किस तरह से लेती है? अब इसी पर जवाब देते हुए नुपुर ने कहा है कि मैं संगठन में बड़े ही व्यवहारिक रूप से पली और बढ़ी हूँ. मैं उनके निर्णय को स्वीकार भी करती हूँ और उसका सम्मान भी करती हूँ. नुपुर ने बता दिया कि उन्हें इस फैसले से कोई दिक्कत या फिर शिकायत नही है.

डिबेट में बोले गये शब्द भी ले चुकी है वापिस
नुपुर ने साथ ही साथ में जो भी शो के दौरान डिबेट में मुस्लिम धर्म को लेकर के बाते बोली थी उसे वापिस ले ली है और कहा है कि ये सिर्फ उन्होंने इसलिए कहा था क्योंकि उनके मन में रोष था जो बार बार शिवजी के अपमान के कारण से कारण से पैदा हुआ था और वो इस तरह के बयानों के रूप में बाहर आ गया.

हालांकि इतना कुछ कहने के बाद में भी बहुत ही बड़ी संख्या में ऐसे मुस्लिम देश और संगठन है वो शांत होने को राजी नही है और हर तरफ से भारत सरकार के ऊपर व नुपुर शर्मा के ऊपर भी निजी तौर पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है जो भारतीय क़ानून के हिसाब से प्रासंगिक नही है.

खैर नुपुर के समर्थक तो अब ये भी कह रहे है कि इतना सब होने के बाद में उन्हें भाजपा की सदस्यता वापिस मिलनी चाहिए क्योंकि ये बयान उन्होंने अपने धर्म के डिफेन्स में देने के मकसद से दिया था और उनकी मंशा  किसी और को अपमानित करने की नही थी.

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