आईएमएफ ने मोदी से मांगी मदद, कहा ‘भारत से भीख मांगते है हमारी सहायता करो’

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आज भारत विश्व की एक बड़ी आर्थिक व कूटनीतिक शक्ति में उभरता हुआ देश है और इसी कारण से विश्व के अलग अलग मोर्चो पर अगर हम लोग नजर डालते है तो फिर भारत की ताकत मजबूत हुई ही है. ऐसे में भारत की कृषि प्रधान रही अर्थव्यवस्था जब कई जगहों पर भारत को दिक्कत पैदा करती रही क्योंकि इससे आर्थिक विकास तेजी से नही होता वही मुश्किल वक्त में भारत के लिए काम आने वाली सबसे उपयोगी चीज भी यही ही साबित होती है क्योंकि भोजन से अधिक महत्त्वपूर्ण तो कुछ भी नही है.

आईएमएफ चीफ ने कहा, मैं भारत से भीख मांग लूंगी कि वो अपने गेहूं के निर्यात पर लगे प्रतिबन्ध को हटा ले
अभी आपको मालूम तो होगा ही कि विश्व भर में अनाज की भारी भरकम कमी चल रही है. सबसे बड़ा गेहूं के निर्यातक यूक्रेन व रूस तो इस बार इस हालत में नही है कि कुछ भी निर्यात कर सके और ऐसे में भारत पर दुनिया भर की उम्मीदे टिकी हुई है. मगर अपने नागरिको की खाध्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है.

अब ऐसे में आईएमएफ चीफ से इस पर बात की गयी तो उन्होंने अपने खुदके शब्दों में कहा कि वो भारत से मदद की भीख मांगने को भी तैयार है बस वहां की सरकार अपने गेहूं के निर्यात पर लगे हुए प्रतिबन्ध को हटा ले ताकि विश्व भर में जो अनाज की कमी पड़ चुकी है उसे किसी तरह से हटाया जा सके और महंगाई काबू में आ सके.

कई देशो की इकॉनमी पर मंडरा रहा खतरा, आखिर में इसी संस्था पर आएगा बोझ
अभी जिस तरह से तेल और अनाज के दाम दुनिया भर में बढ़ रहे है उन्हें कण्ट्रोल करना काफी जरूरी हो जाता है क्योंकि अगर इसको ठीक करके स्थिति को सामान्य नही किया जाता और महंगाई काबू में नही की जाती है तो कई छोटे छोटे देशो की अर्थव्यवस्था नष्ट भी हो सकती है और इनका बोझ आखिर में वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ जैसी संस्थाओं पर ही आ जाता है.

इनके पास में कुछ आधे से एक दर्जन देशो को संभालने की ताकत तो हो सकती है लेकिन अभी स्थिति उससे भी गंभीर है और ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भारत जैसे देश इनकी मदद करे तभी स्थिति काबू में रह सकती है.

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