15 साल के बच्चे ने योगी जी के बारे में अनाप शनाप पोस्ट किया, दी गयी उसे अनोखी सजा

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आम तौर पर किसी व्यक्ति, नेता या फिर किसी भी प्रभुत्व वाले नागरिक के बारे में कुछ भी गलत बोलना आम तौर पर भारी पड़ ही जाता है, भारतीय संविधान में इस पर आईटी एक्ट से लेकर मानहानि समेत कई ऑप्शन दिए गये है जिसके तहत कार्यवाही हो जाती है मगर आम तौर पर ये एक व्यस्क व्यक्ति पर ही पूर्णतः लागू होते है. जब कोई किशोर या फिर बच्चा इस तरह के कार्य करता है तो फिर उसको लेकर अलग तरह के प्रावधान है और उनसे जुवेनाइल एक्ट के तहत डील किया जाता रह है.

15 वर्षीय बच्चे ने फैलाई योगी को लेकर भ्रामक जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार मुरादाबाद  के रहने वाले एक 15 साल के किशोर ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गलत तरीके से एडिट की हुई तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी और उसमे कई समाज में गलत सन्देश देने वाली बाते भी लिखी गयी जिससे एक मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ की क्रेडिबलिटी पर असर पड़ सकता था.

कोर्ट में चला ट्रायल, मिली गौशाला साफ़ करने की सजा
ये मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने चला और इसके बाद में बोर्ड में चली बातो के बाद में उस बच्चे को 15 दिन तक गौशाला में साफ़ सफाई करने की सजा सुनायी गयी है. इसके जरिये उसे बाल सुधार की प्रक्रिया से होकर के गुजारा जायेगा ताकि वो भविष्य में इस तरह की गलती न करे.

इन सबके अलावा इस बच्चे के ऊपर आईटी एक्ट के तहत भी मुकदमा था जिसमे उस पर कुल 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है और फिर इस सजा को भोगने के बाद में वो किशोर अपना जीवन एक अच्छे नागरिक के तौर पर जीने के लिए स्वतंत्र कर दिया जाएगा ताकि वो इन बातो से सबक ले और अपने जीवन में आगे बढ़ सके.

जेजेबी कोर्ट्स का गठन इसी उद्देश्य से किया जाता है कि वो किशोरों द्वारा जो भी अपराध किये जाते है उनके साथ में डील कर सके और उनकी उम्र व समझ को ध्यान में रखते हुए कुछ रियायतों के साथ में उन्हें सजा दी जा सके. ये एक तरह से उन्हें समाज की मूलधारा में वापिस लाने का अवसर भी देता है.

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