मोदी पिछले 8 सालो से लम्बे खेल की तैयारी कर रहे थे, अब सारे पत्ते खुल गये

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मोदी सरकार जब से सत्ता में आयी है तब से उनका विजन काफी लॉन्ग टर्म का रहा है और ये हम उनके कई एक्शनो को देखकर के काफी अच्छे से समझ भी सकते है. अगर अभी की बात करे तो वर्तमान में मोदी सरकार ने फिर से ये साबित कर दिया जब दुनिया के अधिकतर देश आर्थिक मंदी, महंगाई और फोरेक्स रिजर्व की कमी जैसी दिक्कतों से जूझ रहा है ऐसे समय में भारत ने चीजो को बहुत ही अधिक अच्छे से काबू करके दिखा दिया है कि वो काफी अधिक बेहतरी से सब संभाल सकते है.

पिछले लम्बे समय से फोरेक्स से भरते जा रहे खजाना, अब मुश्किल वक्त में आ रहा काम
हम बात करे लगभग एक दशक की तो इस समयकाल में भारत की सरकार ने बेकार जगहों पर पैसा बहाने की बजाय डॉलर को संग्रहित किया और एक समय तो ऐसा आया जब भारत दुनिया के टॉप 4 विदेशी मुद्रा भण्डार वाले देशो में पहुँच गया और 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 600 बिलियन डॉलर के पार पहुँच गया जो अपने आप में बहुत ही शानदार था.

अब ऐसे वक्त में जब तुर्की, रूस, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश समेत दुनिया के तमाम देशो के लोग कभी महंगाई झेल रहे है, कभी अनाज की कमी झेल रहे है, कभी फोरेक्स रिजर्व खत्म हो रहे है तो कभी इन देशो की सरकारे लोन भी चुका पाने में असमर्थ नजर आ रही है. ये अपने आप में बहुत ही अधिक चिंताजनक स्थिति है लेकिन ऐसे में भारत को दिक्कत नही है.

भारत सरकार बुरे वक्त में जमकर इस्तेमाल कर रही फोरेक्स का पैसा, स्थिति काबू लाने में मिल रही मदद
पिछले कुछ हफ्तों में भारत सरकार का काफी अधिक विदेशी मुद्रा भण्डार कम हुआ है. इनका इस्तेमाल देफेसीट को मेनेज करने में, पेट्रोल डीजल के दामो को बढ़ने से रोकने में, महंगाई को कुछ हद तक रोकने में और तमाम चीजो में किया जा रहा है.

कही न कही भारत इसी कारण से आज कई विकसित देशो से बेहतर कर रहा है और इस कारण से आंकड़ो में देखे तो भारत में न सिर्फ तुलनात्मक रूप से महंगाई दर काफी कम रही है बल्कि साथ ही साथ में सरकार काफी अधिक स्टेबल स्थिति में रहते हुए दिखाई दी है जिससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ रहा है जबकि दुनिया भर में घट रहा है.

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