पहली बार चीन ने किया मोदी सरकार का बचाव, कहा बेवजह भारत पर आरोप मत लगाओ

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चीन और भारत दोनों ही एक दुसरे के बड़े क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी माने जाते है और कही न कही दोनों ही देशो के बीच में हर चीज को लेकर के कम्पीटीशन देखने को मिल जाता है. इस कारण से सीमा पर भी कई ऐसी घटनाएं देखने को मिल जाती है जिसके चलते हुए लोग चीन से काफी अधिक नाराजगी रखते है, लेकिन वैश्विक राजनीति अपने आप में फायदे के हिसाब से चली जाती है और अभी हाल ही में गेहूं के आयात निर्यात को लेकर विश्व में जो उठापटक चल रही है उसमे चीन ने भारत का पक्ष लिया है.

भारत के गेहूं के निर्यात पर रोक के बाद पश्चिमी देश कर रहे आलोचना
आपको मालूम हो तो अभी दुनिया भर में गेहूं की कमी पड़ गयी है जिसके कारण से भोजन में महंगाई आसमान छू रही है और ऐसे में पश्चिमी व अमेरिकी देशो को गेहूं की भारी जरूरत है लेकिन ऐसे में भारत ने अपने देश से गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है ताकि कही  हमारे अपने यहाँ पर कमी न हो जाए. इसके चलते जर्मनी समेत कई जी सेवेन देशो ने भारत को बुरा भला कह दिया था.

चीन बोला, भारत पर आरोप मत डालो
इस पूरे मामले पर चीन ने बढ़ चढ़कर के भारत का साथ दिया है और अपने सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के माध्यम से कहा कि अभी विश्व में जो भी अनाज के दाम बढे हुए है उसके लिए सिर्फ भारत को ही जिम्मेदार ठहरा देना ठीक नही है, ताली कभी एक हाथ से नही बजती है.

आज दुनिया के बाकी देश भी वही कर रहे है जो भारत कर रहा है तो ऐसे में सिर्फ भारत को ही कोसना कहाँ तक ठीक है? आज ये मान सकते है कि गेहूं के दाम बढे है लेकिन उसका एक मात्र कारण भारत नही है बल्कि इसके और भी कई सारे कारक है और यही बात चीन ने दुनिया के सामने रखने की कोशिश की है.

हालांकि अब चीन इस तरह से भारत के बचाव में अचानक से क्यों आया है ये अपने आप में सोचने वाली बात है क्योंकि कोई भी इस बात को लेकर के उम्मीद नही लगा पा रहा था कि ऐसा कुछ भी वाकई में हो सकता है.

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