जर्मनी भारत को देगा पूरे 10 बिलियन यूरो, मगर इसके पीछे उनका भी बड़ा फायदा है

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भारत आज विश्व में एक तेजी के साथ में उभर रही शक्ति है और आज दुनिया इतने बड़े देश व आबादी के साथ में सामंजस्य स्थापित किये बिना किसी भी कीमत पर आगे बढ़ नही सकती है ये बात भी हम लोग बखूबी जानते है. अगर अभी के सम्बन्ध में बात की जाये तो यूरोप का एक देश जर्मनी भारत के साथ में अपने सम्बन्ध और अधिक गहरे करने की तरफ कदम बढ़ा चुका है और इसी कड़ी में इस देश के द्वारा एक बहुत ही बड़ी घोषणा की गयी है जो अपने आप में काफी बड़ी है.

भारत में 10 बिलियन यूरो खर्च करेगा जर्मनी, नवीनीककरणीय ऊर्जा के क्षेत्र को बढायेगा
आपको ये तो मालूम ही होगा कि भारत ने 2070 तक अपने देश को कार्बन उत्सर्जन मुक्त बनाने के दावे कर दिए है और इसी अनुमान लगाया जाता है कि अगर ऐसा भारत को करना है यानी कोयले व कच्चे तेल आदि से हटकर भारत को सौर व पवन आदि उर्जा पर शिफ्ट होना है तो इसमें कई ट्रिलियन डॉलर खर्च करने होंगे. ये आंकड़ा कई सर्वे में तो 12 ट्रिलियन डॉलर का भी बताया जाता है.

अब ऐसे में जर्मनी की नजर भारत के इसी बाजार पर है और इसी कारण से ये देश भारत में शुरू में 10 बिलियन के करीब यूही खर्च कर कर रहा है ताकि जर्मन कम्पनियों की साख भारत में बने, लोग वहाँ के प्रोडक्ट इस्तेमाल करे और भविष्य में इनको देखा परखा हो तो जब बड़े बड़े आर्डर आयेंगे तो ये सीधे तौर पर जर्मन कम्पनियों को ही मिले.

खुदको कार्बन उत्सर्जन मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है भारत
अभी वर्तमान में ऊर्जा के स्त्रोत जैसे कोयले और तेल आदि के कारण से ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण और इन स्त्रोतों की कम मात्रा अपने आप में एक बड़ी समस्या है जिसके कारण से भारत भी यूरोप की ही तरह खुदको ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट करने में लगा हुआ है.

इसमें भारतीय उद्योगपति जैसे टाटा, अदानी और अम्बानी भी अपने बड़े बड़े निवेश कर रहे है, प्लांट भी लगा रहे है लेकिन साथ ही साथ में अब जर्मन कम्पनियों की भी भारत में बड़े स्तर पर आपको एंट्री देखने को मिलने वाली है.

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