डॉक्टर मनमोहन सिंह ने दी प्रधानमंत्री को सलाह, कहा अभी मौक़ा है लपक लो

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भारत में हर स्तर पर हमें राजनीति देखने को मिलती है चाहे वो पंचायत स्तर पर हो या फिर राष्ट्रीय स्तर पर ही क्यों न हो? मगर कुछ एक पद और स्थान होते है जहाँ पर सिर्फ और सिर्फ देश को लेकर के सोचा जाता है और अगर इसमें बात की जाये तो वर्तमान में प्रधानमंत्री और पूर्व के प्रधानमंत्रियो का रिश्ता भी कुछ लगभग ऐसा ही होता है. इस कारण से इनके बीच में आपस में मनमुटाव काफी कम ही देखने को मिलते है, बल्कि इसकी जगह आपस में ये एक दुसरे को काफी बेहतर सलाहे जरुर देते हुए मिल जाते है.

अब नीतिगत व्यापार करेंगे पश्चिमी देश, भारत को उठाना चाहिए फायदा
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल ही में एक लेख लिखा है जो पीएम मोदी के नाम है. इसमें वो कहते हुए नजर आते है कि इन दिनों में जो भी यूकरेन वाले मामले पर हुआ है वो दुखद है लेकिन इसके बाद में विश्व में ट्रेंड बदल रहा है और जो भी पाश्चात्य देश है वो आगे चलकर के नीतिगत व्यापार करेंगे यानी अपने जैसी लोकतांत्रिक सभ्यता के साथ में मुख्य व्यापार करेंगे और उनको बढ़ावा देंगे.

ऐसे में दो बड़ी इकॉनमी रूस और चीन जहाँ पर इससे नुकसान झेलने वाले है वही भारत को इसका फायदा मिलेगा इसलिए रूस से सस्ते तेल या फिर चीन से सस्ते सामान जैसे छोटे फायदों को छोड़कर के सरकार को लॉन्ग टर्म के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था को अगर बड़ा बनाना है तो वो सिर्फ पश्चिमी देशो जैसे अमेरिका और यूरोप से व्यापार करके ही बन सकता है.

डॉलर को कभी भी नजरअंदाज मत करना
अपने वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर के कार्यकाल के अनुभव के आधार पर सलाह देते हुए मनमोहन सिंह बोलते है कि भारत को किसी भी कीमत पर डॉलर को नजरअंदाज नही करना चाहिए और इसकी जगह पर किसी और मुद्रा की तरफ झुकाव दिखाने का नही सोचना चाहिए कि चलो हम किसी और करेंसी में व्यापार कर लेंगे क्योंकि ये लॉन्ग टर्म के लिए ठीक नही होगा.

आगे भी डॉलर का महत्त्व उसी तरह से बना रहेगा और इसे चेलेंज नही किया जा सकता मनमोहन सिंह के कहने का पूरा सारांश यही था. ऐसे में ये सलाह काफी सही शब्दों में दी हुई नजर आती है लेकिन क्या मोदी सरकार इसी पर चलती है ये देखने वाली बात होगी.

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