अब नीतीश कुमार ने मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर बड़ी बात बोली है

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धीरे धीरे धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरो के इस्तेमाल का मुद्दा महाराष्ट्र से निकलकर के बाकी और भी कई राज्यों में फैलता चला जा रहा है और कही न कही इसके कारण से कई सारे लोग और बड़े बड़े नेता यहाँ तक के प्रदेशो के मुख्यमंत्री भी इसके ऊपर बयान दे रहे है और अपनी तरफ से इस पूरे मसले का क्या कुछ समाधान किया जाना चाहिए इसके ऊपर अपनी तरफ से बात भी रख रहे है. अगर हम अभी की बात करे तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्टैंड काफी हद तक न्यूट्रल ही रखा है.

नीतीश बोले, सबको अपना धर्म का पालन करने की आजादी
नीतीश कुमार से जब इस पूरे लाउडस्पीकर वाले मामले के ऊपर प्रतिक्रिया देने को कहा गया तो फिर वो बोले कि अलग अलग धर्मो के पूजा पाठ करने का तरीका अलग अलग होता है और इसमें विवाद खड़े कर देना  ठीक बात नही है. सभी को देश में धर्म के हिसाब से पालन करने की आजादी है और किसी ने भी उन्हें कभी रोका नही है.

नीतिश आगे अपनी तारीफ़ करते हुए कहते है कि जबसे एनडीए की सरकार बिहार में आयी है तब से कोई भी तनाव वाली घटना यहाँ पर नही हुई है. जब भी कभी कोई धार्मिक आयोजन आदि होता है तो फिर प्रशासन पहले ही सतर्क हो जाता है ताकि कोई भी तनाव ही न आये. कही न कही नीतीश लोगो को जो करना है करने दो वाले मोड में नजर आ रहे थे.

महाराष्ट्र से शुरू हुआ था सारा मामला
ये पूरा मामला महाराष्ट्र से प्रारम्भ हुआ जब राज ठाकरे ने मस्जिदों पर से लाउडस्पीकर हटाने की वकालत शुरू कर दी और ऐसा न होने पर उनके सामने हनुमान चालीसा पढने जैसी बाते भी बोलनी शुरू कर दी थी. कही न कही इसके कारण से चीजे दिन ब दिन बिगडती चली गयी और अब इस लेवल पर जा पहुंची है.

हर नेता के इस पर अलग अलग विचार है जैसे अब आप नीतीश कुमार को ही ले लीजिये जिन्हें इससे कोई आपत्ति नही है तो वही कपिल मिश्रा और राज ठाकरे जैसे नेता है उन्हें इससे जाहिर तौर पर परेशानी हो रही है.

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