केजरीवाल सरकार को लेकर बड़ा दावा सामने आ रहा है जिसके बाद कई लोगो का भरोसा टूट गया

0
2664

वर्तमान में दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की सरकार कायम है और हम लोग ये बहुत ही अधिक अच्छे तरीके से जानते है कि जिस तरह की स्थिति दिल्ली में है उसमे एक सरकार को चला पाना काफी अधिक कठिन काम है, मगर अपनी नाकामयाबी को भी किसी तरह से छुपाते हुए सिर्फ बेहतर चीजो को सामने रखा जाये ये कलाकारी तो राजनीति में हर कोई बहुत ही अधिक अच्छे से जानता है. अगर हम अभी की बात करते है तो फिलहाल में बच्चो को और स्कूल को लेकर बड़ा दावा सामने आ रहा है.

दिल्ली का शिक्षा मॉडल हो रहा डांवाडोल, अधिकतर स्कूलों में कोई हेडमास्टर या प्रिंसिपल ही नही
अभी वर्तमान में दिल्ली के शिक्षा तंत्र को लेकर बहुत कुछ है जो सामने आ रहा है और ये चौंकाने वाला भी है. दरअसल अभी हाल ही में एनसीपीसीआर ने दिल्ली सरकार से जवाब माँगा है क्योंकि उनके अनुसार दिल्ली की लगभग 824 स्कूले ऐसी है जिनके अन्दर हेडमास्टर या फिर प्रिंसिपल ही नही है, शिक्षको की बात तो बादमे आती है. वो व्यक्ति जो स्कूल को चलाने के लिए जिम्मेदार होता है वही नही है.

दिल्ली में कुल 1027 स्कूल है जिसमे से सिर्फ 203 स्कूल ही ऐसे है जिनमे कोई हेडमास्टर या फिर प्रिंसिपल मौजूद है जो अपने आप में बहुत ही अधिक बड़ी खामी की तरह देखा जा सकता है. एनसीपीसीआर ने राजधानी में पढ़ रहे बच्चो के भविष्य को काफी अधिक गंभीरता से लिया है और इस मामले पर केजरीवाल सरकार से जवाब भी माँगा है.

हमेशा से दिल्ली को शिक्षा के मामले में रोल मॉडल की तरह पेश करते आ रहे केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के लिए स्कूल हमेशा से ही एक यूएसपी रहे है. ऐसे में अगर उनके इसी रोल मॉडल में कमियाँ इतने बड़े स्तर पर निकल आने लगे तो जाहिर तौर पर जनता भी उनसे कही न कही जवाब तो मांगने ही वाली है और ये हमें भी नजर आ रहा है.

भाजपा को भी अब बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल चुका है और हम ये देख भी रहे है कि लगातार वो अरविन्द केजरीवाल को लेकर के काफी अधिक इस मामले में ताने भी कसने लगे है. खैर आम आदमी पार्टी व दिल्ली सरकार इस मामले पर क्या सपष्टीकरण देती है ये देखने वाली बात होगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here