पुतिन का बड़ा बयान, जिसने सारा खेल बदलकर रख दिया है

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अभी के लिए विश्व में किस तरह की स्थिति बनी हुई है ये बात किसी से भी छुपी हुई नही है. आज रूस एक अकेला कोने में खड़ा हुआ है और पश्चिमी देशो की एकता के आगे पुतिन को काफी अधिक दिक्कते आ रही है. यूक्रेन में जो कुछ भी घटित हुआ है उसके बाद में जाहिर तौर पर पश्चिमी देशो और अमेरिका का नाराज होना लाजमी था और उन्होंने अपनी नाराजगी सिर्फ बयानो के रूप में नही बल्कि आर्थिक प्रतिबंधो के रूप में जताई है जिसके कारण से रूस को भारी नुकसान झेलना पड़ा था.

पश्चिमी देशो ने रूस पर लगा दिए थे आर्थिक प्रतिबन्ध, रूस की मुद्रा की हालत हो गयी थी खस्ता
अभी हाल ही मे अमेरिका, यूरोप और जापान समेत कई मित्र राष्ट्रों ने रूस के ऊपर काफी भारी आर्थिक प्रतिबन्ध लगा दिए थे जिससे रातो रात इस देश की अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट देखने को मिली थी. एक डॉलर की कीमत लगभग 80 रूबल के आस पास थी जो गिरकर 120 के पार चली गयी थी. लोगो को लग गया था कि अब रूस की हालत ईरान जैसी हो जायेगी लेकिन असल में ऐसा नही हुआ.

पुतिन ने यूरोप को कहा रूबल में करनी होगी प्राकृतिक गैस की पेमेंट, तो अचानक से सम्भल गयी रूसी मुद्रा
आपको मालूम हो तो यूरोप के अधिकतम देश रूस के द्वारा सप्लाई की जाने वाली प्राकृतिक गैस के ऊपर निर्भर है और इसी का फायदा अभी हाल ही में पुतिन ने भी उठाया है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर यूरोप के किसी भी देश को हमसे गैस लेनी है तो फिर उन्हें पैसा रूबल में चुकाना होगा.

इससे यूरोप के देशो ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार से रूबल खरीदना शुरू कर दिया और देखते ही देखते रूसी रूबल की डिमांड बढ़ने से ये दुबारा लगभग 80 के भाव पर आ गयी. यही नही रूसी रूबल मार्च महीने में सबसे अधिक बेहतरीन परफॉर्म करने वाली मुद्रा भी बन गयी है, तो इससे कई जगहों पर सवाल उठने लगे है कि क्या पश्चिमी देशो के प्रतिबन्ध अब देखते ही देखते नाकाफी हो गये है?

हालांकि अमेरिका इस मामले को लेकर यूरोप को हमेशा से चेताता रहा है कि अगर इनकी नेचुरल गैस को लेकर रूस पर निर्भरता इसी तरह बनी रही तो एक तरह से ये उसके शिकंजे में ही रहने वाले है और पुतिन उनका इस्तेमाल  करते रहेंगे.

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