अब भगवंत मान और मनोहर लाल खट्टर के बीच में लड़ाई हो गयी, वजह भी जान लो

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राजनीति में कुछ नजारे अक्सर ही ऐसे देखने में आते रहते है जो अपने आप में बड़े ही यूनिक होते है. ऐसे में पार्टियों को लेकर के लड़ाइयाँ भी होती रहती है जहाँ पर हर कोई अपने लिए अधिक अधिकारों की मांग करते हुए दिखाई देता रहता है. अभी इन दिनों में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आयी है और उसके बाद में उनकी पडोसी राज्यों के साथ में खींच तान न हो जाए ऐसा तो कभी भी हो नही सकता है. अभी इसी कारण से पंजाब व हरियाणा सरकार के बीच में ऐसा ही कुछ हो रहा है.

चंडीगढ़ पर अकेले पंजाब का अधिकार चाहते है भगवंत मान
आपको मालूम ही होगा कि चंडीगढ़ को पंजाब व हरियाणा दोनों की ही राजधानी माना जाता है और दोनों ही राज्यों का इस पर अधिकार माना जाता रहा है. हालांकि इस पर केंद्र के नियम चलते रहे है. अभी हाल ही में पंजाब में केन्द्रीय सेवा नियम कानून लागू किये गये थे जिसके विरोध में भगवंत मान उतर आये और उन्होंने चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब को दे देने की मांग उठायी.

बात सिर्फ बयान पर ही नही रूकती है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब की विधानसभा में इसके सम्बन्ध में एक प्रस्ताव भी लेकर के आये और केंद्र का विरोध करते हुए इसे पास भी करवा दिया. इसके अनुसार केंद्र के नियम यहाँ चंडीगढ़ में नही चलने चाहिए और पंजाब को पूरा चंडीगढ़ मिल जाना चाहिए.

खट्टर बोले, ऐसा प्रस्ताव लाना बेमानी
अब क्योंकि चंडीगढ़ हरियाणा का भी हिस्सा है तो इस पर खट्टर सरकार की तरफ से आपत्ति आना भी जाहिर सी बात थी. मनोहर लाल खट्टर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब का जितना हक है उतना ही हक हरियाणा का भी है इस पर पहले ही बंटवारा हो चुका है. हिमाचल भी अपना हिस्सा चंडीगढ़ में मांगता है मगर ये पंजाब व हरियाणा की राजधानी रहेगी. ऐसा प्रस्ताव लाना ही बेमानी है.

अभी तो ये सिर्फ जुबानी जंग शुरू हुई है. माना जा रहा है कि अब आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों ही इस मुद्दे पर ही नही बल्कि पंजाब व हरियाणा के बीच पानी से लेकर राजधानी तक कई मुद्दों को लेकर आपस में भिड़ते हुए नजर आने वाले है.

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