मोदी ने पांच सालो में कमाल कर दिया, रूस अमेरिका फ्रांस सबको रख दिया भोचक्का

0
4147

प्रधानमंत्री मोदी अपने आप में अपने एक बड़े विजन के लिए जाने जाते है और इस बात में कोई भी संशय नही है कि उन्होंने बीते हुए वक्त में जो कुछ भी काम किये है उसके कारण से उनकी लोकप्रियता सातवे आसमान पर पहुँचते हुए नजर आ रही है. खैर कुछ कार्य ऐसे होते है जो लम्बे समय तक होने के बाद में ही सबके सामने आते है और लोग उस पर उनकी प्रशंसा बादमे जाकर के करते है और अभी हाल ही में डिफेन्स इम्पोर्ट को लेकर के एक बड़ी ही सकारात्मक रिपोर्ट सामने आयी है.

सीपरी ने रिपोर्ट की जारी, पांच वर्षो में भारत के डिफेन्स इम्पोर्ट 21 प्रतिशत कम हुए
अभी हाल ही में सीपरी यानी स्टाकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीटयूट ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसके  अनुसार भारत अब विश्व भर के देशो से डिफेन्स की आइटम को इम्पोर्ट करना कम कर चुका है और ये इतिहास में इतने बड़े स्तर पर पहली बार होते हुए नजर आ रहा है. एक तरीके से भारत ने ये कार्य इतना गुपचुप तरीके से किया है कि किसी को पहले पता तक नही चला.

रिपोर्ट के अनुसार भारत के वर्ष 2012 से 2016 के बीच में डिफेन्स इम्पोर्ट विश्व का  14 प्रतिशत थे जो अब वर्ष 2017 से 2021 में घटकर के महज 11 पर आ गया है यानी एक तरीके से देखे तो लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. इसी कालखंड में रूस से होने वाला इम्पोर्ट 69 प्रतिशत से घटकर के 46 प्रतिशत हो गया है यानी रूस को काफी अधिक नुकसान हुआ है.

मेक इन इंडिया की कोशिश में है भारत
अभी फिलहाल की सरकार डिफेन्स सेक्टर में भी प्राइवेट  कम्पनियों को तरजीह दे रही है और बहार की कम्पनियों को भी भारत में आकर निर्माण करने के लिए कह रही है और सेनाओं को मजबूत रखने की कोशिश कर रही है. कही न कही ये रक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहलू के रूप में देखा जा सकता है कि भारत आत्मनिर्भर बनता चला जा रहा है.

विश्व में इन दिनों में अस्थिरता काफी अधिक बढ़ी है और हम देख ही पा रहे है कि  रूस व अमेरिका आपस में किस तरह से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे है. ऐसे में एक भी देश का मुंह मोड़ लेना भारत की सुरक्षा में दिक्कत पैदा कर सकता है तो ऐसे में भारत अपनी आत्मनिर्भता की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here