सनातन धर्म की तरफ लौट रहा इंडोनेशिया, वहाँ की सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

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दुनिया के हर देश की अपनी संस्कृति और सभ्यता होती है इस बात में कोई भी संशय नही है. भारत, चीन, मिस्त्र और कई देश है जिनकी सभ्यता कई हजार वर्षो पुरानी मानी जाती है, मगर अभी एक ट्रेंड चल पड़ा है कि लोग अपनी अपनी सभ्यता को भुलाकर के मॉडर्न युग में प्रवेश कर रहे है. अब ऐसे समय में भी एक देश है जो अपनी धरोहर को संजोकर के रखना चाह रहा है और अभी हाल ही में उनकी सरकार के एक फैसले ने इस बात को सही में साकार करके भी दिखाया है.

इंडोनेशिया की नयी राजधानी बनेगी नुसान्त्रा, जकार्ता की जगह लेगी
इंडोनेशिया की वर्तमान में राजधानी है जकार्ता. मगर क्लाइमेट चेंज के चलते ये शहर पानी में चले जाने का रिस्क है और इसी कारण से इंडोनेशिया धीरे धीरे अपनी नयी राजधानी की तरफ बढ़ रहा है और शिफ्टिंग का कार्य चालू हो गया है. इसमें कई बिलियन डॉलर खर्च होंगे और आने वाले वर्षो में ये इंडोनेशिया की राजधानी लेगी. दरअसल अब इसमें सबसे अधिक ख़ास बात है इसका  नाम जो है नुसान्त्रा, ये एक हिन्दू धर्म में यकीन रखने वाले राजा गजा मादा के द्वारा दिया गया नाम है.

इंडोनेशिया में जिस समय में सनातन धर्म का प्रभाव था तब यहाँ पर एक राजा हुए जिनका नाम था गजा मादा और इन्होने ये शपथ ली थी कि जब तक ये पूरे नुसान्त्रा को एक नही कर लेते तब तक ये कोई ऐश आराम नही करेंगे, उनके द्वारा  दिए गये इस नाम को फिर से पुनर्जीवित करते हुए इंडोनेशिया की सरकार आज इसे अपनी नयी राजधानी का नाम देने जा रही है.

अनेक प्रतीकों में अपनी धरोहर बचाकर रखते हुए है इंडोनेशिया
आज के समय में इंडोनेशिया ने कई बड़े बड़े प्रतीकों के रूप में अपने सनातन प्रतीकों को संजोकर के रखा हुआ है, जैसे इनके 20 हजार के नोट पर गणपति की तस्वीर लगी हुई है, इनकी सरकारी एयरलाइन का नाम भगवन विष्णु के वाहक गरुड के नाम पर गरुड़ एयरलाइन रखा गया है.

इस तरह के कदमो के चलते हुए पाक और तुर्की देश कई बार इंडोनेशिया को सलाह दे चुके है कि आप विश्व के सबसे अधिक मुस्लिम जनसँख्या वाले देश का  खिताब भी रख चुके है तो ऐसे में आपको इस तरह के फैसले नही लेने चाहिए, मगर यहाँ की सरकार कुछ और ही सोचकर चलते हुए नजर आती है.

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