विश्व के सभी परमाणु शक्ति से संपन्न देशो ने इतिहास में पहली बार संयुक्त बयान जारी किया

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आज दुनिया कई दशको के बाद में एक बार फिर से अस्थिरता के दौर से गुजर रही है और ये बात हम क्या लगभग हर कोई बहुत ही अधिक बेहतर तरीके से जानता है. चीन, भारत, तुर्की, पाक से लेकर कई देश है जो अपने अपने रक्षा क्षेत्रो में निवेश करते चले जा रहे है और ऐसे में ग्लोबल शान्ति के लिए एक बड़ा कदम उठाने की आवश्यकता थी जिसको लेकर के हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया गया है और इसे विश्व शान्ति की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है.

परमाणु संपन्न देशो का संयुक्त बयान, इस शक्ति का इस्तेमाल कोई ऑप्शन नही
अभी हाल ही में यूएनएससी के मेम्बरों और बड़े बड़े शक्तिशाली देशो जैसे फ्रांस, अमेरिका, रूस और इंग्लैंड आदि ने मिलकर के एक बयान जारी किया है जिसमे इन्होने ये कहा है कि हम एक परमाणु वार को या फिर इसके इस्तेमाल को कभी भी एक ऑप्शन की तरह नही देखते है, न ही इसका इस्तेमाल करने की दिशा में है. हम चाहते है कि इसके विस्तार को भी ज्यादा से ज्यादा रोक जाये.

बदल रही वैश्विक परिस्थितियों के बीच में देना पड़ा बयान
दुनिया अस्थिरता की तरफ बढ़ रही है. हाल ही में यूक्रेन पर रूस कब्जा जमाने की कोशिश में है जिस पर यूरोप आड़े आ खड़ा हुआ है. चीन और ताइवान के बीच में चल रही तनातनी पर अमेरिका बीच में आ गया है और फिर इजरायल व इरान के बीच में चल रही लड़ाई तो जगजाहिर हो ही चुकी है.

ऐसे में वैश्विक शक्तियों ने विश्व शान्ति के नजरिये से ये बयान जारी किया है ताकि जो देशो की सरकारों के बीच में एक गलत फहमी बढती चली जा रही है कि कोई देश कब क्या कर दे उस पर कुछ हद तक लगाम लग जाए. हालांकि इस तरह के वैश्विक बयान में भारत शामिल नही था ये भी आपको पता होना चाहिए.

ऐसा होने के पीछे का कारण ये भी है कि भारत परमाणु संपन्न है लेकिन ओन पेपर अभी तक भारत ने एक ट्रीटी साईन नही की है जिसके कारण से यूएन में भारत को अब तक अधिकारिक रूप से परमाणु शक्ति का दर्जा नही है मगर फिर भी भारत की ताकत को नजरअंदाज नही किया जा सकता है.

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