मोदी को मिला अब वेदान्ता ग्रुप का साथ, चीन की मोनोपोली ध्वस्त करने की तैयारी

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भारत विश्व में एक नए मेनुफेक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है. आज वैसे तो दुनिया की सप्लाई चैन के रूप में चीन सभी के सामने हा इऔर ये बात तो हम लोग भी बहुत ही अधिक अच्छे से जानते है. कही न कही चीन को टक्कर दे पाना उतना अधिक आसान है नही लेकिन भारत में सरकार और प्राइवेट कम्पनियां मिलकर के चीन और इसके जैसे कई देशो के लिए एक बड़ी चुनौती तो पेश कर ही रही है और ये अपने आप में काफी अधिक बड़ी बात है.

वेदान्ता ग्रुप ने किया 60 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान, बनाएगी सेमी कंडक्टर
भारत के सबसे बड़े और मशहूर व्यापारिक घरानों में शामिल वेदान्ता ग्रुप ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है जिसके तहत इनकी कम्पनी सेमी कंडक्टर बनाने के व्यापार में एंट्री करेगी और इसके लिए कुल 60 हजार करोड़ रूपये के निवेश करने का ऐलान भी किया गया है जो अपने आप में एक बहुत ही बड़ा अमाउंट होता है. इतनी कई कम्पनियों की मिलाकर के वैल्यू नही है जितने का निवेश वेदान्ता ग्रुप सेमी कंडक्टर बिजनेस में करने वाला है.

भविष्य के लिये बेहद जरूरी है, वरना चीन पर निर्भर होना पड़ेगा
आज दुनिया में गिने चुने देश जिनमे चीन, ताईवान और अमेरिका है जो सेमी कंडक्टर बनाने में महारत हासिल कर चुके है और सबसे बड़ी समस्या ये है कि आज की तारीख में एक छोटे मोबाइल से लेकर बड़े जहाज तक हर चीज को बनाने में इसकी भूमिका सबसे अधिक अहम है. ऐसे में अगर चीन कल को सेमी कंडक्टर की सप्लाई रोक दे तो दुनिया इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में ठप्प ही पड़ जायेगी.

भारत समेत कई दुनिया के देश है जो इसको लेकर के काफी अधिक चिंतित है और इस चिंता को लेकर समाधान भी खोजे जा रहे है. इसके लिये सबसे बढ़िया और बेहतरीन समाधान जो खोजा गया है वो है भारत की निजी कम्पनियों को विभिन्न स्कीम्स के तहत सहायता देकर खुद ही सेमी कंडक्टर के व्यापार को बढ़ाया जाये और भारत में इसका निर्माण हो.

ऐसे में टाटा समूह पहले ही सत्तर हजार करोड़ के निवेश की घोषणा कर चुके है और फिर वेदांता समूह के ऐलान ने सरकार के जज्बे को और अधिक बल मिला है और कही न कही ये बात तो हम लोग भी बहुत ही अधिक अच्छे से तरीके से जान व समझ पा रहे है.

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