पुतिन के एक कदम ने पूरे विश्व को चौंका दिया है, भारत और मोदी भी उसी में शामिल है

1
9757

पुतिन विश्व के एक बड़े और जाने माने नेता के तौर पर जाने जाते है और अगर वो कुछ करते है या फिर कदम उठाते भी है तो फिर वो अपने आप में एक काफी अधिक महत्त्वपूर्ण वैश्विक बदलाव की तरफ भी इशारा करता है ये बात हम लोग बखूबी जानते है. कही न कही जिस तरह की चीजे पुतिन करते है वो हमें भविष्य में कितना कुछ बदलाव होने वाला है उसकी तरफ इशारा करता है. अभी ऐसा ही कुछ हुआ है जो हैरान करने वाला भी है.

रूस की हॉकी टीम ने पहनी यूएसएसआर की जर्सी, विश्व को दिया अखंड रूस के लौटने का सन्देश
अभी हाल ही के एक इंटरनेशनल टूर्नामेंट की बात है जब रूस की आधिकारिक हॉकी टीम ने रूस की अपनी वर्तमान जर्सी पहनने की जगह पर यूएसएसआर की जर्सी पहन ली. इसे पहनकर के उन्होंने बाकायदा मैच भी खेला और बादमे उसके जरिये दुनिया को पुतिन ने जल्द ही अखंड रूस की के वापिस लौटने का सन्देश भी दिया. आप इसकी तुलना इस तरह से कर सकते है कि भारत की क्रिकेट टीम कल को अखंड भारत के झंडे की बनी हुई जर्सी पहनकर मैच खेलने चली जाए.

रूस की बढती आक्रामकता विश्व में अस्थिरता ला सकती है
ये कोई बात सिर्फ हॉकी टीम की ड्रेस की नही बल्कि हर जगह पर है. रूस ने बेलारूस को अपने सामने झुका दिया है और संभव है आने वाले सालो में ये वापिस उसी देश में मिल जाए. कई ऐसे छोटे मोटे देश जो रूस से टूटकर के नब्बे के दशक में अलग हो गये थे उनको पुतिन का वापिसअपने में ही मिलाने का प्लान माना जा रहा है.

ये उनकी नजर में ठीक हो सकता है लेकिन इससे विश्व में अस्थिरता बढ़ने के चांस काफी अधिक हो जाते है और ये अपने आप में और भी अधिक चिंता वाली बात है. हालांकि अभी के लिए ये जो एक्शन लिए गये है उसके विरोध में कई देशो ने डिप्लोमेटिक तौर पर सख्त सन्देश भी दिए है कि वर्तमान सदी में ये सब करना ठीक नही है.

मगर माना जा रहा है कि जब से रूस को चीन की जुगलबंदी मिली है उसके बाद से ही वो इस तरह के एक्शन ले रहा है और अमेरिका व उसके मित्र देशो के सामने फिर से खड़ा हो पाने की हिम्मत कर पा रहा है.

1 COMMENT

  1. No body should forget that the Nazi Germany also,once upon a time in 1945,was just minding the revival of its Prussian Empire,of the past,which was opposed by all ie rest of Europe and America AND RUSSIA.The German idea was not at all,opposed to the political character of the strong countries of the time while Britain was ruling half of the world w/o any legitimacy .Now the similar intentions of Russia may create a situation,that may lead to a very complex international equation,but in the situation as prevailing,the Russian prez may not be said entirely wrong.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here