प्रशांत किशोर ने बताया, मोदी को कोई भी पार्टी तब तक नही हरा सकती जब तक..

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प्रशांत किशोर को तो हम लोग जानते ही है जो काफी बड़े और जाना माना चेहरा है. प्रधानमंत्री मोदी ने जब अपना पहला नेशनल चुनाव लड़ा था तब उस समय भी उनका सारा केम्पेन से लेकर प्रचार आदि का काम भी उन्होंने ही सम्भाला था और उसमे वो काफी अधिक महारत रखते भी है इस बात में कोई भी संशय नही है. पर अभी की बात अगर हम लोग करते है तो अभी वो भाजपा से काफी दूर हो चुके है और टीएमसी के करीबी हो चुके है.

अगर बीजेपी को हराना है तो, आपको एक चेहरा चाहिए
अपने हाल ही के एक इंटरव्यू के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि महागठबंधन भी बना ही था लेकिन वो भी टूट गया बिखर गया क्योंकि भाजपा को आप ऐसे हरा ही नही सकते. अगर आपको मोदी को हराना है तो आपको बराबरी का एक चेहरा चाहिए विचार चाहिए. आपके पास में आंकड़े होने चाहिए मशीनरी होनी चाहिए और अगर आपके पास में ये सब कुछ है तो आप भाजपा के सामने चुनौती खड़ी कर सकते है.

आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि आप भाजपा को 2024 में हरा सकते है लेकिन आपके पास में ये चार चीजे एक बड़ा चेहरा, विचार, मशीनरी और आंकड़े ये सब कुछ होना चाहिए. अगर आपके पास में नही है जो वर्तमान में नही है तो फिर मोदी को अगले पचासों साल तक भी कोई भी चुनौती नही दे पायेगा और ये अपने आप में एक परम सत्य कह सकते है.

भाजपा और मोदी की तारीफ़ भी की
प्रशांत किशोर ने इसी के साथ में भाजपा और मोदी के लिए कसीदे भी पढ़े जिसमे वो कहते है कि मोदी जी की आप 50 साल की यात्रा को देखिये तो उन्होंने 15 साल तक संघ में काम किया है फिर भाजपा में व्यवस्थापक के रूप में आये फिर सीएम का अनुभव और अब पीएम पद पर है.

45 वर्षो में अगर आप देखे तो उनके पास में जो अनुभव है वो अपने आप में बहुत ही गजब है और इसकी टक्कर आसानी से हो ही नही सकती है. वो एक अच्छे श्रोता भी है उनके पास में लोगो को सुनने का गुण है जो सबसे ख़ास है.

2 COMMENTS

  1. श्री प्रशांत किशोर बहुत अनुभव प्राप्त राजननीति-विश्लेशक हैं,परंतु मोदी जी के बारे में कहे उनके निष्कर्श तो बहुत ही सामान्य हैं ।मोदी की सबसे खास जो उन्हे अविजित बनाती है बह है-भीषण प्रामाणिकता।
    बे गंगा में ,इस दिसंवर की कंपकंपाती शीत में डुबकी इसलिये नहीं लगाते कि उन्हे स्वयं को हिंदू वोट लेने के लिये, सिद्ध करनाहै कि बे हिंदू हैं।बे झूंठ नहीं बोलते ,बे अपना सच बोलते हैं,बे किसी को नीचा करने के लिये किसी की बुराई नहीं करते।बे किसी की भी राजनीतिक अक्षमता पर उंगली रखते हैं।
    बे देशभक्त पी.एम. बनने के लिये नहीं हैं,बे देशभक्त हैं इसलिये पी.एम. हैं।
    और सबसे ऊपर……उन्के लिये उद्देश्य सत्ता नहीं है ,किसी उद्देश्य के लिये सत्ता है।और एक बात चुपके से-बे बहुत ही श्र्यूड डिप्लोमैट हैं।
    थोड़ा कहा बहुत समझना।

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