मोदी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सऊदी अरब की हुकूमत हिला दी, ऐतिहासिक पल

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आज का दिन यानी 25 नवम्बर की तारीख को शायद भारत और विश्व के इतिहास में एक बड़े सुनहरे अक्षरों मे लिखा जाएगा क्योंकि विश्व के कुछ एक मित्र देशो ने मिलकर के आज जो कुछ भी किया है वो अपने आप में बहुत ही बड़ा है. आपको पता तो होगा ही कि सऊदी और रूस जैसे देशो के पास तेल के बड़े भण्डार है और ये विश्व में चाहे जितनी तेल की कीमती घटा बढ़ा सकते है. इस कारण से इन्होने इन दिनों में तेल की कीमते आसमान पर चढ़ा रखी थी जिससे लोगो को पेट्रोल डीजल काफी महंगा मिलता था.

भारत और मित्र देशो ने अपना स्ट्रेटजिक आयल रिजर्व से तेल मार्किट में रिलीज किया, गिर गयी कीमते
अभी हाल ही में अमेरिका, भारत, जापान, यूके और साउथ कोरिया ने अपने अपने स्ट्रेटजिक आयल रिजर्व से करोडो बैरल का कच्चा तेल निकाला और उसे मार्केट में एक तरह से रिलीज कर दिया जिससे बाजार में आयल की सप्लाई बढ़ गयी और तेल की कीमते अचानक से नीचे गिरने लगी है और माना जा रहा है इससे दस प्रतिशत तक भी कीमते नीचे आ सकती है.

ओपेक को बड़ा झटका, अब तेल की कीमते उनके कण्ट्रोल में नही रही
अभी के लिये तेल की सप्लाई करने वाले देशो के समूह को बड़ा झटका लगा है क्योंकि मित्र देशो ने मिलकर के तेल की कीमते गिरा दी है और इसमें ये लोग कुछ भी नही कर पाए. हालांकि भविष्य में ये लोग सप्लाई को और अधिक बाधित करके तेल की कीमते बढाने की कोशिश कर सकते है लेकिन तब भारत जैसे देश फिर से यही तकनीक अपनाकर के फिर से तेल की कीमते स्थायी कर सकते है.

इससे विश्व स्तर पर बढती हुई महंगाई पर लगाम लगाई जा सकती है और कही न कही जो कुछ देश मिलकर के तेल की कीमतों पर हुकूमत चलाने की कोशिश करते थे वो भी एक तरह से रूक ही गयी है. हालांकि इसके विपरीत परिणाम क्या कुछ देखने में आयेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बता सकता है.

अभी के लिये हम सिर्फ इतना कह सकते है कि चीन ने इस मामले में पूरा यू टर्न लिया है जिसने भी वादा किया था कि हम भी आपके साथ में मार्किट में कच्चा तेल रिलीज करेंगे जिससे तेल की कीमते और गिरे लेकिन ऐन मौके पर अलग किस्म के बहाने बनाते हुए वो अपनी बातो से पलट गया.

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