सऊदी अरब के खिलाफ खड़ा हुआ भारत, मोदी ने लिया बहुत बड़ा ऐतिहासिक फैसला

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विश्व भर में कईसारे देश है जो अपने अपने हिसाब से मनमानी करते हुए आपको नजर आ जाते है और कही न कही ये चीजे गलत ही होती है. खैर जो भी है अभी हम लोग बात कर रहे है सऊदी अरब की जो तेल की कीमतों से लेकर उसकी सप्लाई के मामले में भी अपनी मनमानी चलाता है क्योंकि उसके पास में कच्चे तेल का भरपूर स्टॉक है और अभी तो और भी निकल ही रहा है. ऐसे में तेल के बाजार में वो जो चाहे वो कर सकता है.

सऊदी और रूस ने मिलकर कृत्रिम रूप से बढ़ा रखी है तेल की कीमते
आज विश्व भर में कच्चे तेल की कीमते आसमान छू रही है और इसके पीछे का असली कारण है सऊदी अरब और रूस. इन्होने बाजार की मांग की तुलना में तेल की सप्लाई काफी कम कर दी है जिससे कृत्रिम रूप से तेल की कीमते बढ़ चुकी है और इस कारण से भारत को ही नही विश्व के कई देशो को जरूरत से ज्यादा महँगी कीमतों पर तेल खरीदना पड़ रहा है और ये अपने आप में चिंताजनक भी है क्योंकि इससे महंगाई भी तो बढती है.

भारत ने लिया बड़ा फैसला, अपने आयल रिजर्व से 50 लाख बैरल तेल निकालेगा
अब ये जो कुछ भी चल रहा है उसके बाद में भारत ने निर्णय किया है कि भारत अपने स्ट्रेटजिक आयल रिजर्व में से पूरे 50 लाख बैरल कच्चा तेल निकालेगा और उसे मार्किट में रिलीज भी कर देगा. ऐसा करने से कही न कही सीधे तौर पर बाजार में आयल की सप्लाई बढ़ जायेगी और तेल की बढती कीमतों पर लगाम लगेगी.

इसमें भारत सिर्फ अकेला नही है. भारत के अलावा अमेरिका और चीन दोनों ही देश मिलकर के भी ऐसा ही कुछ करने जा रहे है हालांकि इसकी शुरुआत तो मोदी सरकार ने ही की है ताकि ये जो भी मोनोपोली विश्व के मार्किट में चल रही है उस पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सके.

हालांकि भारत जितना हो सकता है उतना अधिक ग्रीन  एनर्जी की तरफ शिफ्ट होने की कोशिश में लगा हुआ है ताकि आने वाले समय में इस तरह की दिक्कते भारत के बाजार और आम नागरिको को अधिक प्रभावित नही कर सके.

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