क्या सब कुछ प्राइवेट कम्पनियो को सौंप देंगे मोदी? दिया ये जवाब

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अभी फ़िलहाल के दिनों में देश में एक चीज पर काम बहुत ही अधिक तेजी से हो रहा है और वो है निजीकरण. अगर आपकी नजर पड़ी हो तो सरकार अपनी कई बड़ी बड़ी कम्पनियों को निजी हाथो में सौंप रही है और इसके पीछे का कारण है उनका सही तरीके से फंक्शन न करना और कही न कही सरकार के ऊपर आर्थिक बोझ के रूप में नजर आना. ये बहुत ही अधिक चिंता वाली बात है और इसे ठीक करने के लिए प्राइवेट प्लेयर्स के हाथो में काफी कम्पनियां और बैंक आदि जा रहे है, इस पर पीएम मोदी ने बड़ी बात कही है.

जिन क्षेत्रो में हमारी आवश्यकता नही, उसे निजी उपक्रमों के लिए खोल देना चाहिए
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में साफ शब्दों में कहा है कि जहाँ पर भी सरकार की जरूरत नही है उन सभी क्षेत्रो को निजी कम्पनियों के लिए खोल देना चाहिए. यानी ऐसे क्षेत्र जो भी देश की सुरक्षा, शिक्षा और मूलभूत अधिकारों से इतर है, कही न कही उन सभी क्षेत्रो को सरकार निजी हाथो में सौंपने के पक्ष में है और ये बात पीएम मोदी ने खुद कबूल भी कर ली है.

अभी हाल ही में उन्होंने कहा कि हमने एयर इंडिया के निजीकरण समेत देश के कई बड़े फैसले है जो पूरी गंभीरता के साथ में और देश के हित में लिए है. पहले कभी भी इतनी निर्णायक सरकार नहीरही है लेकिन जरूरी नही है जो पहले नही हुआ वो अब नही होगा, ये एक मजबूत सरकार है और इसे लगता है निजी क्षेत्र को अपनी भागीदारी बढानी चाहिए तो बिलकुल ऐसा होना चाहिए.

सरकारी कर्मचारियों के नकारेपन से मजबूर हुई है सरकार
चाहे सरकारी बैंक हो या सरकारी दफ्तर हो या कम्पनियां हो सरकारी कर्मचारी अपने हिसाब से काम करते है, कस्टमर को अधिक वैल्यू प्रदान नही की जाती है और तो और इनोवेशन और बेहतर मेनेजमेंट की भी कमी नजर आती है जिससे सरकारी क्षेत्र की कम्पनियां अक्सर घाटे में ही रहती है.

इन सब पहलुओ को देखते हुए मोदी सरकार निजी क्षेत्र की तरफ ही आगे बढ़ रही है और यही नही सरकारी पदों पर भी कई निजी क्षेत्र के मंझे हुए लोगो को ला रही है ताकि ये रेड टेप वाले सिस्टम को खत्म करके नए भारत की शुरुआत की जा सके.

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