भारत के आगे ब्रिटेन ने किया सरेंडर, पीएम मोदी ने हासिल की बड़ी डिप्लोमेटिक जीत

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एक समय हुआ करता था जब कही न कही भारत विकसित और शक्तिशाली देशो के आगे न सिर्फ  झुक जाता था बल्कि उनकी बाते माननी भी पडती थी क्योंकि भारत के पास में उतनी शक्ति नही थी लेकिन अब वक्त बदल चुका है और भारत किसी के सामने झुकता नही है बल्कि दूसरो को अपनी बाते मनवाने के ऊपर मजबूर जरुर कर देता है और अभी हाल ही में ब्रिटेन के साथ में हुई तकरार में एक बार फिर से हमने ये साबित भी कर दिया है जिसे सारी दुनिया ने खुली हाथो से देखा है.

भारत से आ रहे अधिकतर नागरिको को अब ब्रिटेन में क्वारंटीन होने की जरूरत नही रहेगी, दबाव में आकर बदले गये नियम
आपको मालूम हो तो भारत को लेकर के हाल ही में ब्रिटेन ने कुछ एक भेदभाव भरे नियम लागू कर दिए थे जिसके तहत अमेरिका जैसे देशो से आ रहे टीका लगवाये हुए लोगो को तो वो अपने देश में एंट्री डायरेक्ट दे रहे थे लेकिन भारत से आ रहे लोगो के टीके के सर्टिफिकेट को ब्रिटेन ने मान्यता देने से इनकार कर दिया था और उन्हें 10 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य किया था. इसे भेदभाव पूर्ण माना गया.

मगर भारी दबाव के चलते हुए ब्रिटेन ने अपना ये फैसला बदल दिया है और भारत से जो भी लोग कोवीशील्ड टीका लगवाकर के कोविन वाला सर्टिफिकेट लेकर के ब्रिटेन जायेंगे उनको डायरेक्ट एंट्री मिल जायेगी. अभी भी रूस, पाक और चीन जैसे देशो को एंट्री नही मिल सकी है लेकिन भारत को मिल गयी है.

भारत ने भी लागू कर दिए थे सेम प्रतिबंध, कॉमनवेल्थ बहिष्कार की तरफ भी किया था इशारा
जब ब्रिटेन ने इस तरह के भेदभाव भरे नियम लागू किये थे तो फिर बदले में न सिर्फ भारत ने ऐसे के ऐसे नियम ब्रिटेन से भारत आ रहे लोगो पर लागू कर दिए बल्कि भारत की तरफ से इशारा कर दिया गया कि हम लोग कॉमनवेल्थ गेम्स का  बहिष्कार भी कर सकते है.

ऐसे में भारत के सामने ब्रिटेन को झुकना पड़ा और अब जाकर के ये प्रतिबन्ध हटे है. इसे मोदी की एक बहुत ही बड़ी डिप्लोमेटिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है जो अपने आप में बहुत ही अधिक ख़ास है.

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