जिसके साथ सरकार चला रहे, उसी कांग्रेस के सीनियर नेताओं को लेकर ये क्या बोल गयी शिवसेना

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पिछले दो वर्षो से भी अधिक समय से महाराष्ट्र में एक गठबंधन वाली सरकार चल रही है जिसने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को चाहते या फिर न चाहते हुए भी एक दुसरे के साथ में बाँध दिया है और अब ये सभी अपने अपने हिसाब से सरकार चला रहे है. कहने को तो वैसे ये सब साथ है लेकिन समय समय पर ये कुछ ऐसी बाते बोल जाते है जिसकी उम्मीद किसी को होती नही है और अन्दर के भाव झलकने लगते है. हाल ही में ऐसा ही कुछ हुआ है.

शिवसेना ने सामना में लिखा. कांग्रेस के कई बुजुर्ग नेताओ ने गुप्त रूप से मिला लिया है भाजपा से हाथ
अभी हाल ही में शिवसेना ने कांग्रेस के अन्दर चल रहे घमासान और पंजाब के घटनाक्रम के ऊपर टिप्पणी की है और काफी गंभीर बाते भी कही है. शिवसेना के सामना में लिखा गया कि आलाकमान को लेकर के जो संशय बना है वो ही इस पार्टी के पतन का कारण है. अब इसका असर पंजाब में देखने मिल चुका है और देखके पता लगता है कि पार्टी को अब एक स्थायी अध्यक्ष की जरूरत है.

सामना में ये भी लिखा गया है कि कांग्रेस के कई बुजुर्ग नेताओं ने गुप्त रूप से भाजपा के साथ में हाथ मिला लिया है और पार्टी को पीछे ले जाने वाले लोग यही है. अब इनको एक पूर्णकालिक अध्यक्ष की वाकई में जरूरत है. अब कांग्रेस एक बीमार पार्टी बन चुकी है और इसे एक तरह से इलाज की जरूरत है लेकिन अब देखने वाली बात यही होगी कि लोग इसका इलाज कर पाते है या फिर नही कर पाते है.

सिद्धू जैसे नेताओं पर भरोसा करने पर भी उठाये सवाल
यही नही शिवसेना ने ये भी कहा कि कांग्रेस ने एक दलित को सीएम बनाकर के बड़ा कदम उठाया था लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी. ऐसे आदमी को इतनी अधिक तवज्जो तो देनी ही नही चाहिए जिसने कुछ टाइम पहले पार्टी ज्वाइन की है.

खैर बातो बातो में शिवसेना अपने सामना के लेख में काफी कुछ बोल गयी है और ये बाते एक तरह से शायद तंज भी लग सकती है लेकिन कई लोगो को लगता है ये एक कडवा सच है जो कांग्रेस को मानना पड़ेगा.

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