अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से धोखा मिलने के बाद फ्रांस ने भारत को लेकर किया बड़ा ऐलान

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अभी इन दिनों में विश्व स्तर पर शान्ति काफी हद तक हट चुकी है और इसके पीछे की वजह है लगातार वर्ल्ड लीडरो के द्वारा किये जाने वाले वो कार्य जो अपने आप में चिंता में डालने वाले होते है. अभी के दिनों में बायडन की एक गलती एके वजह से अमेरिका का एक 200 वर्ष पुराना मित्र देश उनसे दूर होने लगा है और ये अपने आप में काफी अधिक शॉकिंग है. चलिए इस घटनाक्रम की तह तक जाने की कोशिश करते है जो इन दिनों में देखने मिल रहा है.

ऑस्ट्रलिया ने ऐन मौके पर सबमरीन डील फ्रांस को छोड़ अमेरिका को थमा दी थी
अभी आपको मालूम हो तो ऑस्ट्रेलिया ने कुछ वर्ष पहले उन्होंने एक 70 बिलियन डॉलर की सबमरीन खरीद की बात चलाई थी और फ्रांस से सौदा लगभग तय ही था लेकिन पीठ पीछे उनकी बात अमेरिका से भी चल रही थी और बिना फ्रांस को कुछ भी बताये चुपके से उन्होंने ये डील अमेरिका को दे दी जिससे फ्रांस ठगा हुआ महसूस कर रहा है और नाराज भी है. नाराजगी इस हद तक है कि उन्होंने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूत भी वापिस बुला लिए है.

अब फ्रांस बोला, भारत के साथ मिलकर बनायेंगे मल्टीलेटरल आर्डर
अभी हाल ही में जो कुछ भी हुआ है उसके बाद में फ्रांस को एहसास हुआ है कि उसे अब भारत जैसे मजबूत साथियो की जरूरत है. इसी के चलते उन्होंने हाल ही में ऐलान किया है कि हम भारत के साथ में मिलकर के एक बहुपक्षीय आर्डर की शुरुआत करेंगे और हम इसे स्ट्रेटजिक रूप से काफी फायदेमंद मानेंगे. फ्रांस भारत के साथ मिलकर के कई बड़े संगठनों की स्थापना करेगा जो जी7 या ब्रिक्स जैसे हो सकते है और इनकी पॉवर से ये वर्ल्ड आर्डर को बेलेंस करने की कोशिश करेंगे.

फ्रांस के अपने साथी देश अफ्रीका में और यूरोप में अच्छे खासे है और भारत का प्रभाव साउथ एशिया और आसियान देशो में काफी अच्छा है. ऐसे में ये दोनों देश चाहे तो एक नए वर्ल्ड आर्डर को आगे बढ़ा सकते है मगर इससे भारत और अमेरिका के बीच में दूरी बढ़ सकती है क्योंकि ये सब कुछ फ्रांस अमेरिका के विरोध में कर रहा है.

अब भारत एक ऐसी स्थिति में है जहाँ पर भारत को एक दो नही बल्कि तीन जगहों से टीम में आने के ऑफर है एक तरफ है रूस, दूसरी तरफ अमेरिका और तीसरी तरफ है फ्रांस. हालांकि रूस और फ्रांस भारत के लिए लॉन्ग टर्म में काफी अधिक फायदेमंद रहे है इस बात में कोई शक नही है.

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