2025 तक ताइवान लेंगे 2040 तक अरुणाचल प्रदेश और फिर… जानिये क्या कहती है ये चीन की वायरल रिपोर्ट

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चीन हमेशा से ही एक विस्तारवादी नीति वाला देश रहा है और आज समय के साथ में सारी दुनिया इस बात को समझ चुकी है. इस कारण से चीन जैसे देश का पडोसी होना हमें खुद से ही सतर्क होने पर मजबूर कर देता है. कही न कही चिंता में भी डालती है और कही न कही भारत को चीन के साथ में दो दो हाथ करने के लिए हर वक्त तैयार रहने को भी कहता है. अभी हाल ही में चीन में एक रिपोर्ट वायरल हो रही है इसमें ऐसे ही कुछ दावे है.

2013 की बनी रिपोर्ट अब आयी सामने, ताइवान से लेकर अरुणाचल और जापान के आईलैंड भी हड़पने का प्लान
अभी हाल ही में एक रिपोर्ट चीनी सोशल मीडिया पर सामने रखी गयी है जो वहां के कई डिफेन्स एक्सपर्ट्स के साथ में मिलकर के काफी पहले तैयार कर ली गयी थी. इस रिपोर्ट में ये दावा करते है कि साल 2020 से 2025 के बीच में चीन ताइवान पर कब्जा करने के लिए अपनी सेना भेज देगा, अमेरिका उस वक्त उसकी मदद को आये उससे पहले ही चीन ताइवान पर अपना झंडा फहरा देगा ऐसा उसका दावा है.

इसके बाद में ये 2030 में साउथ चीनी समुद्र में स्थित कई आईलैंड को कब्जा करने की बात करते है जिस पर वियातनाम का कब्ज़ा है. इनके अनुसार फिलिपिन्स जैसे छोटे देश इसके सामने सरेंडर कर देंगे और वियतनाम को ये कुछ दिनों में हरा देंगे. इसके बाद में ये लोग वियतनाम के काफी हिस्से को अपने में मिला देंगे.

अंत में ये लोग बात करते है अरुणाचल प्रदेश की. चीन कहता है कि पहले हम लोग पाकिस्तान को अपने वीपन देकर के कश्मीर में अस्थिरता फैलायेंगे और इसके बाद में जब इंडियन आर्मी उस  तरफ मूव करेगी तो पीछे से कमजोर कड़ी को पकड़ कर के अरुणाचल को अपने में मिला देंगे. भारत उस समय कुछ भी कर नही पायेगा क्योंकि हम उनके सामने दो दो फ्रंट खोल देंगे.

चीन की भूख यहाँ पर मिटती नही, ये मंगोलिया और अपने साथी रूस को भी नही छोड़ने वाले
चीन की ये जो विस्तारवाद की भूख है ये यही पर ही नही रूकती है. 2040 के बाद इनके डिफेन्स एक्सपर्ट्स लिखते है हम जापान के कुछ आईलैंड भी कब्जा कर लेंगे जो पहले हमसे छीने गये थे और उस वक्त अमेरिका इतना कमजोर हो चुका होगा कि हमारा सामना करने नही आ पायेगा. फिर हमारी नजर मंगोलिया के साउथ रीजन पर और रूस के कुछ एक इलाको पर होगी जो इतिहास में हमसे छीने गये थे.

चीन की रिपोर्ट तुलनात्मक रूप से अविश्वसनीय, भारत और वियतनाम जैसी ताकतों को समझ रहा कमजोर
चीन की ये रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से बेहद ही कमजोर नजर आती है. जहाँ ताइवान में आज रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी सैनिको की एंट्री हो चुकी है तो वही भारत के डिफेन्स टाइज अमेरिका और फ्रांस जैसे देशो से बढ़ चुके है जिस कारण से भारत आज बड़ी आसानी से टू फ्रंट की लड़ाई भी झेल पाने में सक्षम है.

इस कारण से पीएम मोदी ने खुले शब्दों में विस्तारवाद को एक तरह की मानसिक बीमारी कहते हुए चीन को बिना नाम लिए लताड़ भी लगाई है, लेकिन लग रहा है कि जिनपिंग इस भाषा में ये बात समझने वालो में से नही है.

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