तालिबान के सहारे सुपरपॉवर बन जायेगा चीन, बनाया नया मास्टरप्लान

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आज की तारीख में अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है और जब हर कोई इस देश से दूर भाग रहा है ऐसे वक्त में इसके साथ में दोस्ती करने का और इसको सहारा देने का काम कर रहा है चीन. अब एक बात तो हर कोई बहुत ही अच्छे से जानता है कि चीन किसी को भी कुछ भी मुफ्त में तो नही देता है और इस कारण से चीन जब भी किसी देश पर नजरे डालता है तो उसमें उसका कुछ फायदा होता ही है और अभी चीन की नजर उस चीज पर है जो उसे नया सुपर पॉवर बना सकती है.

अफगानिस्तान में है लिथियम का भण्डार, चीन बन सकता है इलेक्ट्रिक वाहनों का बादशाह
अभी जो भी सोर्स पता लगा पाये है उसके अनुसार अफगानिस्तान में लिथियम के विशालतम भण्डार है और इनकी वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर तक की हो सकती है. हालांकि आज से दस वर्षो पहले तक लिथियम की वैल्यू इतनी अधिक नही हुआ करती थी लेकिन जब से इलेक्ट्रिक वाहनों का दौर आया है तब से ये सोने से कम नही है. ये सोना अफगानिस्तान में भरपुर मात्रा में है और अगर चीन इसे वहां से निकालकर के अपने देश में ले जाता है जिसकी मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनेगी तो फिर उसे और क्या चाहिए?

अगर चीन दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का हब बन गया तो फिर सबको इसी देश के पीछे ही चलना होगा क्योंकि आने वाले वक्त में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता वैसे ही कम होने वाली है और इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए चाहिए होगी बैटरी जो मिलेगी चीन के पास. ऐसे में मजबूरी में ही सही लेकिन दुनिया की बड़ी बड़ी ताकतों को लिथियम आयन बैटरी के लिए चीन के आगे पीछे घूमना होगा.

तालिबान पहले से बैठा है तैयार
तालिबान को लेकर के कहा जा रहा है कि वो तो पहले से ही इस बात को लेकर के तैयार बैठा है कि चीन आये और उनसे खनिजो के भंडार की चाबी लेकर के काम शुरू कर दे, ताकि उनको कुछ पैसा मिल सके. वही चीन का ये बड़ा मास्टरप्लान काफी आगे तक जाते हर नजर आ रहा है.

भारत भी अपने ही देश के कई पठार वाले इलाको में लिथियम की खोज कर रहा है ताकि हम भी इलेक्ट्रिक गाडियों के मामले में आत्मनिर्भर बन सके. इसके कई सुराग मिले भी है लेकिन अभी खोज करनी जारी है.

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