आखिरकार मायावती को हो गया अपनी गलती का एहसास, लिया बड़ा फैसला

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उत्तर प्रदेश में चुनाव होने जा रहे है और इन चुनावों से पहले हर किसी का मन कुछ न कुछ करके बदलते हुए नजर आ ही रहा है. अब इसे आप कही न कही कुछ हद तक सकारात्मक रूप से भी देख सकते है और कुछ मायनों में लोगो के लिए परेशानी खड़ी करने वाला भी कह ही सकते हो. खैर अब जो भी है अभी तो हम बात कर रहे है यूपी में मुख्य चुनावी दावेदारी करने वाली पार्टियों में से एक बसपा की जिनको चुनावों से ठीक पहले अपनी गलती का एहसास होने लगा है.

बाहुबली नेताओं से बनाएगी दूरी, मुख्तार अंसारी जैसो को टिकट नही
इस बार मायावती और उनकी पार्टी ने ये निर्णय किया है कि वो अब बाहुबली नेताओं को टिकट नही देगी चाहे वो मुख्तार अंसार जैसे बड़े और बाहुबली नाम ही क्यों न हो? बसपा को इस तरह के नेताओं को टिकट देने के कारण से ही जनता ने सिरे से खारीच कर दिया था और भाजपा को चुना था इस कारण से अब वो इसे सुधारना चाह रही है.

आत्ममुग्धता भी छोड़ेगी, पार्क और मूर्तियों पर पैसा नही बहायेंगे
मायावती ने कहा है कि अगर इस बार हम लोग चुनकर के आते है तो फिर हम मूर्ती और पार्क आदि के ऊपर पैसा नही लगायेंगे जो इस के लिए पहले होना था वो हो चुका है लेकिन अब ऐसा नही किया जाएगा, हम लोग सिर्फ और सिर्फ विकास के ऊपर ध्यान देंगे.

कुल मिलाकर के देखे तो मायावती बसपा का पूरा स्वरुप ही बदलने में लगी हुई है ताकि जो वोट बचे कुचे हुए है या फिर जो भी आने की संभावना है वो कही दूर छिटक न जाये. ये बाते हर कोई जानता ही है और इस बात को लेकर के लोगो की अपनी अलग अलग राय है.

एक बड़ा बदलाव बसपा में ये भी आया है कि सिर्फ दलित वोटो से काम नही चलने वाला है इसलिए ब्राह्मण वोटो को आकर्षित करने की भी हर कोशिश की जा रही है. मगर लग नही रहा है कि इस बार ऐसा कुछ होने भी वाला है.

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