केरल की वामपंथी सरकार की गलत नीतियों की वजह से पूरा देश खतरे में पड़ गया है

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अभी आपको ये तो मालूम ही होगा कि देश पिछले कुछ वक्त में कुछ भी अच्छे दौर से होकर के गुजरा नही है और आये दिन हमने काफी अधिक मुश्किलों का सामना किया है. अब वो चाहे करोना हो, चीन के साथ में बॉर्डर पर हुई दिक्कत हो या फिर आर्थिक दिक्कते हो हर चीज में भारत ने मुश्किलो का डटकर के सामना किया है और उसमे काफी हद तक जीत भी हासिल कर ली है. मगर अभी हाल ही में भारत के सामने एक और बड़ी दिक्कत खड़ी आ  गयी है.

केरल में केस कण्ट्रोल करने में नाकाम केरल सरकार, पूरे देश पर रिस्क
आज की डेट में केरल एक ऐसा राज्य बन चुका है जिसमे दुनिया के कई देशो की तुलना में भी काफी अधिक केस आ रहे है. जहाँ पूरे देश में सिर्फ 40 से 50 हजार केस आ रहे है वही इसमें से अधिकम केस सिर्फ एक राज्य यानी केरल से कुल 30 हजार के करीब आ रहे है. यानी अगर केरल में केस नही आ रहे होते या कम आ रहे होते तो आज भारत में प्रतिदिन के करोना केसेज की संख्या सिर्फ 10 से 20 हजार के बीच में होती जो अभी काफी अधिक है.

त्यौहारी छूट से लेकर नीतियों में नरमी रही वजह जहाँ यूपी जैसे राज्यों में काफी सख्त लॉकडाउन लगाये गये वही केरल में ईद जैसे पर्वो पर लगातार छूट दी गयी. हर तरफ लॉकडाउन की भी उतनी अच्छे से पालना हुई नही और इस कारण से आज की डेट में केरल पूरे देश में करोना का केंद्र बन चुका है और इसकी कीमत लोग अपनी जान से चुका रहे है.

राज्य को आईसोलेट किये जाने की जरूरत
अभी देश को इस स्थिति से बचाने के लिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम से कम कुछ दिनों के लिए केरल को दुसरे राज्यों से आईसोलेट किये जाने की जरूरत है यानी अभी के लिए केरल से दुसरे राज्यों का ट्रांसपोर्ट रोका जाता है और लोगो के आवागमन पर रोक लगती है तो ही पूरे देश में इसे फैलने से रोका जा सकता है.

हालांकि अभी देश में बहुत ही बड़ी संख्या में लोगो को टीका लग चुका है तो ऐसे में खतरा तो कम नजर आता है लेकिन फिर भी कही न कही इस चीज को तो हम लोग अनुभव कर ही सकते है कि चीजे पक्ष में कम ही है.

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