चीन एक बड़े मास्टरप्लान पर काम करना है, भारत को भी होना पड़ेगा अलर्ट

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आज एशिया में वही हालात है जो कभी एक टाइम में यूरोप में हुआ करते थे. यानी यहाँ पर तेजी के साथ में आर्थिक विकास हो रहा है और जो स्थिति बन रही है वो तो हम लोग देख ही रहे है कि सिर्फ दो सुपर पॉवर बची है जिनमे से एक है चीन व दूसरा है भारत. अब हर कोई अपने अपने हिसाब से दोनों ही देशो को देख रहा है लेकिन चीन का विजन अपने आप में काफी बड़ा है और इस कारण से भारत को भी पीछे न रह जाने को लेकर के उसकी स्थिति को भांपना होगा.

अपनी ही इन्टरनेट कम्पनियों की वैल्यू गिरा रहा चीन
चीन में पिछले एक से दो साल में एक बड़ी डेवलपमेंट देखने को मिली है जिसमे हम लोग देख पा रहे है कि शी जिनपिंग की सरकार अपने देश की ही बड़ी कम्पनियों जैसे अलीबाबा और तेंसेंट आदि पर क्रैकडाउन कर रही है जिसके कारण से इन अपने ही देश को अरबो खरबों कमाकर के देने वाली ये कम्पनियां घाटे में चली गयी है. इसके पीछे भी एक बड़ा कारण है.

चीन चाहता है उसके देश में सिर्फ मेनुफक्चारिंग कम्पनियां फले फूले, तभी बन पायेंगे सुपर पॉवर चीन इन दिनों में अपने देश में सबसे ज्यादा सपोर्ट सेमी कंडक्टर बनाने वाली, गाड़ियां बनाने वाली और इस तरह की कम्पनियों को सपोर्ट कर रहा है और अपनी ही इन्टरनेट कम्पनियों को खत्म करके उनके लिए स्कोप खड़े कर रहा है क्योंकि दुनिया में इन्टरनेट कम्पनियो के अल्टरनेट तो तुरंत बन सकते है जैसे टिक टोक के बंद होते ही उसके जैसी सैकड़ो कम्पनियां बाजार में आ गयी है.

लेकिन कुछ स्पेसिफिक टेक्नोलॉजी का निर्माण करने वाली कम्पनियां अगर रूक जाए तो फिर पूरे दुनिया में हो हल्ला मच सकता है जैसे आज अमेरिकी कम्पनियां एप्पल के फोन बनाती है या फिर कुछ भी करती है तो वो लोगो के जीवन की जरूरत बन चुकी है और चीन आज उसी लेवल पर पहुँचने की कोशिश कर रहा है.

भारत को मिल रही रिसर्च एंड डेवलपमेंट की सलाह
चीन के इस प्लान को काउंटर करने के लिए भारत को विश्व भर के एक्सपर्ट्स अपना पैसा रिसर्च एंड डेवलपमेंट में खर्च करने की सलाह दे रहे है ताकि भारत भी अपने कई ऐसे दिग्गज प्रोडक्ट्स बना ले जिसके बिना दुनिया का काम न चल सके.

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