तालिबान के आगे दुनिया के पॉवरफुल देशो ने भी टेक दिये घुटने, लिया गया ऐसा अजीब फैसला

0
1565

तालिबान अफगानिस्तान में बहुत ही बड़ी ताकत बनकर के सामने आया है और इस कारण से एशिया में काफी अच्छी जो स्थिरता हुआ करती थी उसे तो धक्का लगा ही है और इसकी आवाज तो यूरोप तक पहुँच रही ही. अभी के लिये आप ये समझ सकते है कि हाल ही में तालिबान से झगडा कोई भी मोल लेना नही चाह रहा है और इसका साफ़ नजारा दुनिया ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भी हाल ही में देख लिया है. वही के और चीज है जिसकी उम्मीद तो शायद किसी को नही थी.

यूएन के सिक्यूरिटी काउंसिल का यू टर्न, अब आतकी शब्द से नही जोड़ा जाएगा तालिबान
पहले कभी एक समय में खुलेआम अलग अलग देशो के द्वारा  आतकी कहा जाता था और इसके नज़ारे हमने हर जगह पर देख भी लिये लेकिन इन दिनों में लग नही रहा है कि ऐसा कुछ हो रहा है क्योंकि दुनिया के सबसे शक्तिशाली संगठन ने भी तालिबान के साथ में आतकी शब्द जोड़ना रोक दिया है.

जी हाँ, हाल ही में जो भी कागजात आदि इस संगठन ने रिलीज किये है उनमे तालिबान के साथ में कही पर भी आतकी संगठन शब्द का इस्तेमाल नही किया गया हिया तो क्या इसका मतलब यही है कि इनको एक तरह से मान्यता देने की तरफ ये लोग आगे बढ़ चुके है. ऐसा होना पाने आप में मानव अधिकारों की एक बड़ी हार के रूप में देखा जा रहा है.

अमेरिका का जोर सिर्फ बाहर निकलने पर, रूस को तालिबान से कोई दिक्कत नही
अगर बात करे दुनिया की दो बड़ी मिलिट्री सुपर पॉवरो की तो अमेरिका का फोकस अभी सिर्फ अपनी सेना को अफगानिस्तान से बाहर निकालने पर है और रूस को लग रहा है तालिबान में तो उसका प्रभाव बनेगा और फायदा होगा तो फिर जाहिर सी बात है वो उसका कुछ बिगड़ना नही चाहेंगे.

कही न कही ऐसे मे अफगानिस्तान की वो मासूम जनता जिनकी सोच मॉडर्न है वो पिस रही है और अब तो विश्व संगठन तालिबान को आतकी संगठन तक बुलाने में हिचकिचा रहे है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here