तालिबान ने दिया नॉर्दर्न अलायन्स के ‘अहमद मसूद’ को सरेंडर का मौका, तो मिला ये जवाब

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अभी वैसे तो तालिबान ने पूरी तरह से अफगानिस्तान के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है और राजधानी भी उसी के ही कण्ट्रोल में है लेकिन सही मायनों में अगर हम लोग देखे तो अभी भी वो पूरी तरह से विजेता की पोजीशन में नही है क्योंकि नोर्दर्न अलायन्स ने उनकी हालत खराब कर रखी है और जिस तरह से पंजशीर से लेकर बलवान प्रोविंस आदि में भी वो फ़ैल रहा है उसके बाद में तालिबान ने अपनी रणनीति को काफी हद तक बदलने का निर्णय किया लग रहा है.

तालिबान ने भेजा था समझौता कर सरेंडर करने का प्रस्ताव, मसूद ने कहा ऐसा कोई शब्द मेरी डिक्शनरी में नही
अभी तालिबान ये समझ चुका है कि अहमद मसूद और अमरुल्लाह सालेह दोनों को ही ऐसे हरा पाना संभव नही है तो इनसे सरेंडर करवा लिया जाए. इस कारण से उन्होंने इनको सरेंडर करने को मौका दिया और कहा बदले में हम आपको छोड़ देंगे, वरना पकडे जाने पर आपके साथ में बहुत ही अधिक बुरा किया जाएगा. इसके बाद में कई लोगो को लगा कि ये लोग सरेंडर कर देंगे लेकिन ऐसा नही हुआ.

अहमद मसूद ने जवाब देते हुए कहा कि मैं अहमद शाह मसूद का बेटा हूँ और सरेंडर जैसा कोई शब्द मेरे शब्दकोष में ही नही है. इसी के साथ में अहमद मसूद ने अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है जिसमे वो कुछ कुछ हद तक सफल होते हुए नजर भी आ रहे है. खैर बाकी तो जो भी होना है वो आने वाले वक्त में साफ़ हो ही जाएगा.

तालिबान ने पंजशीर में घुसने की कोशिश की, मगर नाकाम रहे
अब जब इतना सब कुछ हो गया तो फिर तालिबान ने पंजशीर घाटी में घुसकर के इनको तोड़ने की कोशिश की मगर ऐसा वो कर नही पाए. इनको बीच में ही घाटी के ऊपरी इलाको से अतेक करके भगाया गया. कहा जा रहा है कि पंजशीर में घुसने की कोशिश में सैकड़ो की संख्या में तालिबानी अपनी जान से हाथ धो बैठे है.

इससे विश्व कम्यूनिटी का नोर्दर्न अलायन्स पर भरोसा मजबूत हो रहा है और संभव है कि इनकी मदद के लिए आने वाले वक्त में बाकी देश में भी आ जायेंगे और इससे काफी कुछ किया जा सकेगा.

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