वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह का निधन, भारतीय राजनीति में शोक की लहर

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अभी वैसे भी भाजपा ने अपने कई अनमोल नगीनो को खोया है जिनमे सुषमा स्वराज, अटल बिहारी वाजपेयी और कई बड़े बड़े नाम शामिल रहे है. इन सभी ने कही न कही भाजपा को बनाने में बहुत ही अधिक अहम् योगदान दिया है मगर हाल ही में एक और बड़ा नाम है जो अपने जीवन को पूरा करके चला गया है और उसने पूरी तरह से मानो लोगो को शोक में मग्न सा कर दिया है. हम बात कर रहे है हिन्दू ह्रदय में बसने वाले और जाने माने नेता कल्याण सिंह की.

लखनऊ पीजीआई में भर्ती थे कल्याण सिंह, कुछ समय पहले हुआ निधन
पिछली 4 जुलाई को कल्याण सिंह को लखनऊ पीजीआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जिसके बाद से ही उनका इलाज चल रहा था. उनके शरीर को बेहतर करने के लिए डॉक्टर्स की पूरी एक टीम लगी हुई थी जो हर संभव कोशिश कर रही थी कि स्थिति को सुधारा जा सके, बीच में स्थिति में सुधार हुआ भी था लेकिन आखिर में उनको नही बचाया जा सका और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह ही दिया. डॉक्टर्स ने बताया कि उनके शरीर के अंग फेल हो गये थे जिसके कारण से ऐसा हुआ है.

गोरखपुर दौरा रद्द करके लखनऊ पहुंचे थे योगी
जब आज शाम को ही योगी जी को पता लगा था कि कल्याण सिंह की हालत काफी अधिक नाजुक हो गयी है और किसी भी समय कुछ भी हो सकता है तो वो तुरंत प्रभाव से भागकर सब काम रद्द करके उनसे मिलने के लिए लखनऊ पीजीआई पहुंचे थे. वो व्यवस्थाओं का जायजा भी ले रहे थे कि कही कुछ कमी नही रह रही है. खुद पीएम भी अपने स्तर पर अपडेट ले रहे थे लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता है.

यूपी के मुख्यमंत्री और गवर्नर के पद पर भी रहे कल्याण सिंह, राम मंदिर में योगदान को रहे चर्चे
कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे. फिर उन्हें गवर्नर यानी राज्यपाल के पद पर भी रखा गया और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की लिस्ट में तो वो रहे ही रहे. माना जाता है कि अगर कल्याण सिंह न होते तो शायद राम मंदिर का स्वप्न पूरा हो पाना बड़ा ही मुश्किल था.

खैर उनके चले जाने पर भाजपा में शोक की लहर चल पड़ी है. लोग काफी अधिक दुखी है और अपने आप में ये बताता है कि आज भारतीय राजनीति के एक बड़े युग का अंत हो गया है.

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