ज्यादा देर तक नही टिक पायेगा तालिबान, तीन फ्रंट से विरोधियो ने खोल दिया मोर्चा

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अभी के लिए वैसे तो अफगानिस्तान में सत्ता में तालिबान है और इन्होने काफी अधिक तेजी के साथ में इसे जीता है इस बात में कोई भी शक नही है. मगर आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी चार इन की तो चांदनी है और फिर अँधेरी रात हो ही जाती है. ऐसा ही कुछ इन दिनों में इन लोगो के साथ में होते हुए नजर आ रहा है क्योंकि काबुल में कुर्सी पर बैठने के बाद में एक साथ में महज हफ्ते के भीतर तीन फ्रंट पर तालिबान के दुश्मन खड़े हो गये है.

पहले मोर्चे पर है नोर्दर्न अलायन्स, अमरुल्लाह सालेह भी अपनी सेना के साथ उनके साथ
तालिबान को पहले मोर्चे पर कोई धकेलने की तैयारी में है. क़ानूनी रूप से वर्तमान में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह, अहमद मसूद और भागे हुए कई अफगानी सैनिक सबने मिलकर के पंजशीर घाटी को अपना हेडक्वाटर बना लिया है और यहाँ से ये लोग धीरे धीरे छोटे छोटे इलाको को कब्जा करने में लगे है. इन्होने अमेरिका और वेस्टर्न दुनिया से कुछ मदद करने के लिए भी आह्वान किया है, उम्मीद तो ये भी की जा रही है कि भारत भी इनको ताजिकिस्तान बॉर्डर से काफी मदद करेगा.

आम जनता भी सडको पर, कई जगहों पर लोग भिडते नजर आये
अफगानिस्तान के कई शहरो जैसे जलालाबाद, काबुल और मजार ए शरीफ आदि में अफगानिस्तान का राष्ट्रीय झंडा लिये हजारो की संख्या में लोग सडको पर उतर आये थे. इन लोगो को तालिबान के लोगो ने गोली के जरिये रोकने की कोशिश की, मगर आपस में इससे भिडंत भी हो गयी. इसमें कहा जा रहा है कुछ लोगो की जान भी गयी है लेकिन इससे लोगो में और भी ज्यादा नाराजगी बढ़ चुकी है.

हजारा समुदाय भी कर रहा तैयारी, तालिबान ने इनको पहले से ही दबाना शुरू किया लेकिन कामयाब नही हो पा रहा
अफगानिस्तान के बिलकुल मध्य में रहने वाला हजारा समुदाय जिसकी संख्या अभी 5 लाख से भी अधिक मानी जा रही है ये लोग तालिबान को अपनी सरकार मानने को तैयार नही है. तालिबानियों ने इनके लिए सम्मानीय एक स्टेचू को भी तोड़ दिया जिससे ये लोग सडको पर आये और इन्होने आपस में लड़ाई करने की कोशिश की.

यानी कुल मिलाकर के काबुल में बैठे बरादर को तीन मोर्चो पर चुनौती मिल रही है और उसके पास में ऐसी कोई भी फ़ोर्स नही है जिससे कि ये इन सबको हराकर के पूरा दबा सके. ऐसे में अगर तीन मोर्चो पर से एक साथ प्रेशर बढ़ा तो एक बार फिर से इनको काबुल छोड़कर के भागना पड़ सकता है.

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