अफगानिस्तान में छोड़े गये 300 आतकी, पीएम मोदी ने बुलायी आपातकालीन हाई लेवल मीटिंग

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अभी आज की तारीख में देश और दुनिया में एक ही जगह है जो सबके लिए चिंता का सबब बनी हुई है और वो है अफगानिस्तान. जिस तरह के हालात हम लोग बनते हुए देख रहे है वो अपने आप में चिंता वाली बात है क्योंकि कोई भी समझ नही पा रहा है कि आगे चलकर के ये तालिबान क्या करने वाला है? हालात किस हद तक बिगडने वाले है और अभी हाल ही में भारत का प्रधानमंत्री कार्यालय भी इसे लेकर के काफी अधिक सचेत हो गया है. इसी कारण से देर रात को एक आपातकालीन मीटिंग बुलाई गयी.

अफगानिस्तान और देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर बुलायी गयी मीटिंग, डोभाल समेत कई बड़े केबिनेट मंत्री रहे मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान के मुद्दे को लेकर के अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक तुरंत प्रभाव से बुलायी जिसमे देश के मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बाकी कुछ प्रमुख सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे. इस तरह की देश के हाई कमान लोगो की मीटिंग तभी बुलायी जाती है जब कुछ स्थिति गंभीर होती है.

अफगानिस्तान के हालातो पर चर्चा, देश को सुरक्षित करने के लिए क्या कर सकते है
इस पर भी हुई बात अभी अफगानिस्तान में क्या कुछ हो रहा है और तालिबान क्या कर सकता है इस पर मंथन किया गया. भारत अपने देश में सुरक्षा हालातो और संभावित खतरों से निपटने के लिए क्या कुछ कर सकता है इसके ऊपर भी मंथन किया गया ताकि अगर कल को विदेशी धरती से देश को अस्थिर करने के लिए कोई प्रयास किया जाये तो उसे माकूल जवाब दिया जा सके. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल साहब ने पीएम और केबिनेट को काफी विस्तार से हर चीज को समझाया है ताकि वो सही निर्णय ले सके.

कश्मीर से मुश्किल 500 किलोमीटर दूर है अफगानिस्तान
अभी सबसे बड़ी चिंता का विषय यही है कि अभी की जो भौगोलिक स्थिति है उसके हिसाब से कश्मीर से अफगान बॉर्डर महज पांच सौ किलोमीटर दूर पड़ता है और इस कारण से भारत के लिए ये काफी संवेदनशील स्थिति है कि आगे चलकर ये पाक के साथ मिलकर के कुछ गडबडी फैलाने की कोशिश न कर दे.

हालांकि भारत की इंटेलिजेंस और फ़ोर्स बहुत ही अधिक मजबूत है और इस कारण से कोई भी संभावना नही है कि ऐसी कोई भी गडबड हो भी जाए, मगर फिर भी मीटिंग्स और वर्तमान हालातो के ऊपर चर्चा करके उसके अनुसार निर्णय किये जाने जरूरी है.

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