भारत ने उठाया बड़ा कदम, तालिबान और पाकिस्तान छटपटाने पर हुए मजबूर

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भारत की बात अगर की जाए तो वैसे हमेशा से ही भारत शान्ति को लेकर के अग्रसर रहने वाला देश माना जाता रहा है और ये बात हर कोई बखूबी जानता है, मगर पिछले कुछ दिनों में जो चीजे एशियाई क्षेत्रो में हो रही है उसके कारण से भारत को अपनी पालिसी शिफ्ट करने के ऊपर मजबूर होना पडा है. फिर हमेशा से शांत स्वभाव से नजर आने वाले भारत ने जब अपनी शक्ति का इस्तेमाल करना शुरू किया तो फिर सामने वाली पार्टी का छटपटाना भी लाजमी था.

भारत ने बुलायी अफगान मुद्दे पर यूएनएससी मीटिंग, पाकिस्तान आना चाहता था लेकिन एंट्री ब्लॉक कर दी
भारत अभी फ़िलहाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् का अध्यक्ष है जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्था है. इसमें अफगानिस्तान की रिक्वेस्ट पर भारत ने एक मीटिंग बुलायी थी जिसमें अफगानिस्तान में जो तालिबान की तरफ से गलत काम किये जा रहे है उसके खिलाफ कुछ करने के ऊपर चर्चा की गयी और रिजोल्यूशन लाने पर भी बात हुई. इसमें बिना नाम लिए हुए पाकिस्तान को भी टारगेट किया गया.

संयुक्त राष्ट्र की मीटिंग में डॉक्यूमेंट में दर्ज हुआ पाकिस्तान का नाम, अफगान में अस्थिरता फैलाने वाला देश
अभी भारत ने अफगानिस्तान में  जो आतक फ़ैल रहा है उसको लेकर के कहा कि कुछ देश है जो अफगान में बाहर से भी अस्थिरता फैला रहे है और तालिबान जैसो के लिए ये सेफ हेवन बने हुए है, अफगान के प्रतिनिधि ने यहाँ पर खड़े होकर के कहा, हाँ ये सही बात है और ये पाकिस्तान ही कर रहा है.

पाकिस्तान तिलिमिला उठा, मीटिंग में आना चाहता था लेकिन भारत ने अध्यक्ष पॉवर का इस्तेमाल करके एंट्री ब्लॉक कर दी
पाक को लेकर के जब इस तरह के आरोप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लगे तो फिर वो खुद भी इस मीटिंग में आना चाहता था लेकिन जैसे ही पाक ने मीटिंग में आने के लिए स्पेशल परमिशन मांगी तो भारत ने अध्यक्ष पॉवर का इस्तेमाल करते हुए इसे ब्लॉक कर दिया. इसके जवाब में पाक ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र में बदनाम करने की कोशिश हो रही है और ये हम लोग बर्दाश्त कर नही सकते है.

वही तालिबान के खिलाफ भी भारत ने इस मीटिंग में एक तगड़ा ग्राउंड तैयार कर दिया है. इसके बाद में जब अगली मीटिंग या सेशन होता है तो संभव है कि एक तगड़ा रिजोल्यूशन इनके खिलाफ पास हो जाए और भविष्य में अफगान में पीस कीपिंग फ़ोर्स भी संयुक्त राष्ट्र की तरफ से अफगान में भेजी जा सकती है और इसके लिए भारत अपनी अध्यक्ष पॉवर का भरपूर इस्तेमाल कर ही रहा है.

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