मौक़ा मिलते ही विपक्षियो के साथ चले गये नीतीश? भाजपा भी रह गयी भौंचक्की

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आज की तारीख में भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी साथी पार्टी कोई है तो वो है जेडीयू और उसके नेता माने जाते है नीतीश कुमार. चाहे कैसा भी कुछ भी वक्त रहा हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी हर पल में नीतीश कुमार के साथ में खड़ी रही है. अबकी बार नीतीश की पार्टी के बिहार चुनाव में काफी कमतर प्रदर्शन के बाद भी उनको सीएम पद दिया गया और ये काफी बड़ी बात है. इतना सब कुछ होने के बाद में भी नीतीश कुमार ने हाल ही में जो किया है वो बहुत ही अधिक हैरान करने वाला है.

पेगासस मामले पर नीतीश का विपक्ष को साथ, बोले जांच होनी चाहिये
भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों में कुछ अलग अलग ही अंदाज में नजर आ रहे है. उन्होंने अपनी ही साथी पार्टी की सरकार को लेकर के जांच की बात कह दी है. मीडिया के सामने आकर के नीतीश बाबू ने कहा कि अभी फ़िलहाल फोन टैपिंग की बात कई दिनों से सामने आ रही है. इसकी जांच तो जरुर होनी चाहिए और ये बात मैं पहले भी बोल चुका हूँ.

आजकल के टाइम में कौन क्या कर रहा है ये कहना मुश्किल है इसलिए मेरे हिसाब से इस मामले में एक एक चीजो को देखकर के उचित कदम उठाना चाहिए. अभी क्या हुआ और क्या नही इस पर हम संसद में बात कर रहे है. समाचार पत्रों में जो आता है हम वही देखते है लेकिन इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए कि कौन किसके फोन सुन रहा है? ताकि सारा सच सामने आ सके. कही न कही नीतीश का ये बात कहना भाजपा की बात को डाउनग्रेड करना और विपक्ष की मांग को जायज ठहराने जैसा है जिसकी उम्मीद खुद बीजेपी ने नही की होगी.

पहले भी भाजपा नेताओं के साथ बातूनी विवाद हो चुके है
नीतीश कुमार के गिरिराज सिंह जैसे कई नेताओं के साथ में विवाद हो चुके है और ये कई बार मीडिया में सामने आये है, लेकिन इस बार तो ये बात सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर आती है जिनके उपर लोगो की निजता भंग करने के आरोप लग रहे है. ऐसे वक्त में उनका साथी दल होने की वजह से सपोर्ट करने की जगह जांच की मांग की जा रही है.

अब नीतीश कुमार क्या वाकई में इसे छोटा मुद्दा मानकर के इसे यूँही बोल गये है या फिर उनकी मंशा कुछ और ही थी ये अभी हम साफ़ तौर पर कह नही सकते है.

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