दिल्ली में लोगो के साथ बड़ा खिलवाड़, केजरीवाल सरकार की बड़ी नाकामयाबी आयी सामने

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देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगो को सबसे अधिक किस्मतवान माना जाता है कि वो इस जगह पर रहते है जहाँ की सरकार के पास में खूब भारी भरकम बजट होता है और इससे वो उनकी इन्फ्रा से लेकर ट्रांसपोर्ट समेत जो भी जरूरते होती है वो सब पूरी कर सकती है. केजरीवाल सरकार की इस मामले में तारीफ़ भी खूब देखने में आती रही है लेकिन हाल ही में जो रिपोर्ट सामने आयी है उसके बाद में तो ऐसा लगने लगा है जैसे सच तो असल में कुछ और ही है.

दिल्ली में 99 प्रतिशत बसे हो चुकी है ओवरएज, जनता बेहाल बसों में सफर को मजबूर
अभी हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आयी है जिसके अनुसार दिल्ली में 99 प्रतिशत ऐसी बसे है जो पूरी तरह से ओवरएज हो चुकी है यानी अब इनकी उम्र पूरी हो गयी है और ये सडक पर चलेगी तो फिर आम लोगो को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. लग्जरी कारो में घूम रहे मंत्री नेता आम जनता के लिए ठीक ठाक बसे तक उपलब्ध करवा पाने में नाकाम हो रहे है और ये आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में हो रहा है ये हैरानी की बात है.

ओवरएज बसे खड़ी कर सकती है कई दिक्कते
एक बस की उम्र जब उसे चलाए जाने की उम्र से अधिक हो जाती है तो फिर ये आम जनता के लिए और अधिक बोझ बन जाती है जैसे कि ये हमेशा की तरह एफिशिएंट नही रहती, इससे प्रदूषण अधिक हो सकता है और कही न कही मशीनी पुर्जे पुराने होने के कारण इससे लोगो की जान को भी खतरा हो सकता है. ये भी अपने आप में एक चिंता वाली बात है जिस पर लोग काफी अधिक अपनी तरफ से बात कह रहे है.

हालांकि केजरीवाल सरकार की तरफ से टेंडर निकाले गये थे लेकिन कई सरकारी अटकलों से लेकर कुछ आरोप भी बीच में लगे जिसके कारण से ये टेंडर लटकते चले गये और आज दिल्ली के लोग जो राजधानी में रहते है उनके पास में उनका सबसे करीबी  पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध नही है तो इसका सवाल ये है कि पिछले लगभग पौने दशक से दिल्ली में केजरीवाल सरकार है तो क्या उन्हें कभी भी बसों को लेकर के ये ख्याल नही आया?

1971 में शुरू हुई थी सेवा, इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
ये बस सर्विस 1971 में शुरू की गयी थी और तब से लेकर के अब तक कभी भी इस तरह की रिपोर्ट देखने में नही आयी हर बार आम जनता के लिए ठीक ठाक बसे उपलब्ध रही लेकिन ऐसा पहली बार देखने में आ रहा है और ये चिंता वाली बात है.

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