जर्मनी को हजम नही हो रही भारत सफलता, एंजेला मार्केल ने दिया ऐसा अहंकार से भरा बयान

0
2708

भारत और जर्मनी वैसे तो अच्छे दोस्त है और ट्रेडिंग पार्टनर भी है. ये बात जगजाहिर है और इन दिनों में भारत के रिश्ते यूरोप के साथ में बेहतर हुए भी है लेकिन अगर हम लोग सही मायनों में बात करते है तो अभी के इन दिनों में हर कोई हर किसी के लिए किसी न किसी कारण के चलते हुई दोस्त होता है. कई बार बयान इन बातो को साफ़ कर ही देते है और अभी हाल ही में जो हुआ है उसको देखकर के तो हमें बिलकुल ऐसा ही लग भी रहा है.

जर्मन चांसलर का बयान, मुझे अफ़सोस है कि भारत विश्व की फार्मेसी है
सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये कि ‘विश्व की फार्मेसी’ का अर्थ क्या है? ये एक तरह का सांकेतिक पद होता है और ये उस देश को मिलता है जो दुनिया भर में और दुनिया भर के लिये सबसे ज्यादा दवाईयाँ बनाता है. आज ये काम भारत करता है और भारत को लेकर के एंजेला मार्केल ने एक बयान में कहा है कि मुझे बड़ा अफसोस है कि आज भारत दुनिया की फार्मेसी है और ऐसा इसलिए है क्योंकि हमने यानी यूरोपियाई देशो ने भारत को बनने दे दिया.

दरअसल मामला ये है कि अभी अमेरिका ने भारत को टीके बनाने के लिए कच्चे सामान का निर्यात करने पर रोक लगा रखी है और इस वजह से भारतीय कम्पनियां काफी तेजी से टीके नही बना पा रही और दुनिया भर में टीको की कमी आ रही है. ऐसे में अमेरिका को कुछ भी कहने की हिम्मत तो है नही, तो ऐसे में वो भारत को कोस रही है.

हालांकि आपको बता दे कभी एक टाइम आज से तीस साल पहले तक दुनिया की दवाईयो के सेक्टर में जर्मनी का दबदबा हुआ करता था लेकिन देखते ही देखते भारतीय कम्पनियो ने उनको मार्किट से बाहर कर दिया और आज वो सबसे ज्यादा बेहतरीन और सस्ती दवाई बना रही है. ये अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है और इस वजह से लोग उनकी तारीफ़ भी करते है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here