अमेरिका ने नही निभायी मौके पर अपनी दोस्ती, ऐन मौके पर दिखा दिया स्वार्थ

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भारत और अमेरिका आज की तारीख में बहुत ही ज्यादा अच्छे दोस्त है और अधिकतर लोग जो भी लोग जानते है अमेरिका को एक सुपरपॉवर के तौर पर जानते है. अब भारत की और अमेरिका की दोस्ती सातवे आसमान पर है और दोनों अच्छे खासे पार्टनर भी बन चुके है लेकिन जब बात आती है अपने हितो की तो यहाँ पर शायद दोस्ती भी उतनी ज्यादा कारगर है नही, और हाल ही में इसका नजारा किसी और ने नही बल्कि अमेरिका की सुप्रीम शक्ति की तरफ से दिखाया गया है ज्सिकी अपेक्षा शायद हमें भी कम ही थी.

भारतीय कम्पनियों को जरूरत है टीका बनाने वाले कच्चे माल की, अमेरिका ने लगा रखी है रोक
अभी फ़िलहाल भारतीय कम्पनियों को अपने देश के लिए और दुनिया भर के लिए टीका बनाने के लिए कुछ विशेष चीजो की जरूरत रहती है जिनका कुछ हद तक उत्पादन भारत में हो जाता है लेकिन बहुत ही तेजी से टीके बनाने के लिए कुछ कच्चे माल की जरूरत रहती है और उसे अमेरिका से मांगना पड़ता है जो कि अभी अमेरिका एक्सपोर्ट कर नही रहा है, वहाँ की सरकार वहां की कम्पनियों को रोक रही है ताकि अमेरिका में अपने टीके बनने में कोई कमी न रह जाए.

ऐसे में अब भारत के बड़े बड़े उद्योगपतियों आदि ने भी अमेरिका से रिक्वेस्ट कर ली लेकिन इस पर अमेरिका ने कोई रिस्पोंस नही दिया है. यही नही जब वाइट हाउस की प्रवक्ता से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने एक तरह से इस पर चुप्पी ही साध ली जो काफी चुभने वाली थी. इसके बाद में वहां के फेमस डॉक्टर एन्थनी फाऊची जो वहां के राष्ट्रपति को सलाह देने का काम कर रहे है उन्होंने भी सफा शब्दों में कह दिया कि भारत को देने के लिए अभी फ़िलहाल हमारे पास में कुछ नही है.

ये अपने आप में थोडा बुरा है. ऐसा वक्त जिसमे भारत दुनिया भर को टीके उपलब्ध करवाकर के विश्व एक परिवार है की परिकल्पना को साकार कर रहा है वही अमेरिका ने यहाँ पर छोटी मोटी मदद करने में भी आनाकानी कर रहा है जिसकी उम्मीद शायद किसी को न होगी.

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