मुस्लिम समाज को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, ठुकरा दी सारी मांगे

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अभी सारे के सारे देश और प्रदेश किस तरह की स्थितियों से होकर के गुजर रहे है ये बात किसी से भी छुपी हुई नही है और ऐसे वक्त में जगह जगह पर सख्ती बढायी जा रही है ताकि चीजो को सामान्य किया जा सके और कही न कही एक तरह से ये जरूरी भी है ये तो हम लोग भी जानते ही है. अगर बात करते है हम लोग मुस्लिम समाज की तो इसको लेकर के भी कुछ एक बाते है जो शायद आपको मालूम न रही हो तो चलिए फिर आपको बता देते है और सारी जानकारी देते है.

मस्जिद में कम से कम 50 लोगो के नमाज पढने की अनुमति मांगी, सरकारी वकील ने कहा धर्म को हम अपवाद नही बना सकते
बॉम्बे हाई कोर्ट में जुमा मस्जिद ट्रस्ट की तरफ से एक याचिका दायर की गयी जिसमे कहा गया कि अभी रमजान चल रहे है और ऐसे वक्त में मस्जिद में कम से कम 50 लोगो को तो पांच वक्त की नमाज पढने की अनुमति दी जाये. इस मामले को लेकर के कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की और अपना फैसला देते हुए एक बड़ी नजीर भी पेश की है.

कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए कहा कि हम किसी के लिए भी धर्म को अपवाद नही बना सकते है. खास तौर पर ये जो 15 दिन की प्रतिबन्ध की अवधि है उसमे तो बिलकुल भी नही. ये बहुत ही अधिक जोखिम वाला समय है और ऐसे वक्त में तो सभी नागरिको को अपनी तरफ से सहयोग करना चाहिए. महाराष्ट्र में जो भी स्थिति मौजूदा वक्त में बनी हुई है उसके चलते हुए हम याचिकाकर्ताओं को मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नही दे सकते है. राज्य सरकार का ये आदेश जनता की सुरक्षा और उनके हित के लिए है, इनकी पालना की जाए.

इसी के साथ में ये काफी बड़ा झटका है उन मुस्लिमो के लिए जो इन दिनों में मस्जिद में जाकर के नमाज अदा करना चाह रहे थे. खैर इस देश में क़ानून और कोर्ट को ही सबसे ऊपर माना गया है और ऐसे में कोर्ट के आदेश को तो मानना ही पड़ेगा.

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