रूस ने कर दी है बिलकुल बेवकूफों वाली हरकत, सारी दुनिया हुई नाराज

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आज विश्व बहुत ही सालो के बाद में एक शान्ति वाले स्थान पर पहुंचा है जहाँ पर हर कोई बहुत ही अच्छा जीवन जी पा रहा है. कभी हर टाइम लोगो को लड़ाई देखनी पडती थी लेकिन ऐसा अब नही हो रहा है, पर अब ऐसा लग रहा है कि रूस की एक गलती के कारण सारी दुनिया फिर से एक ऐसी मुसीबत में पड़ने वाली है जिसकी कल्पना किसी ने भी नही की होगी. अमेरिका को सबक सिखाने के चक्कर में रूस ने सारी की सारी धरती को ही खतरे में डालने की शुरुआत कर दी है.

रूस ने बनाया परमाणु टोरपीडो, धरती के समुद्रो को कर देगा बर्बाद
रूस ने अभी हाल ही में एक टोरपीडो विकसित किया है जिसका नाम उसने रखा है पोसाइडर. ये एक तरह का समुद्र के अन्दर चलने वाला वीपन है जो किसी भी जगह पर समुद्र में जाकर के वहाँ पर कई किलोमीटर के इलाके में धमाके के जरिये एक सुनामी ले आता है और ये सुनामी कोई ऐसी वैसी सुनामी नही बल्कि एक रेडियोएक्टिव सुनामी होती है.

यानी अगर रूस किसी देश के पास में ये हथियार लांच कर देता है तो फिर उस देश में आस पास के इलाके का समुद्र सुनामी बनकर के घुस जाएगा और कई शहर एक साथ जलमग्न हो जायेंगे, यही नही इस पानी में होगा रेडिएशन जिससे वो शहर बिलकुल ही बंजर हो जाएगा और वहां के लोगो में भी बीमारी फ़ैल जायेगी. इससे दुनिया भर के समुद्रो के खराब होने का  खतरा पैदा हो गया है क्योंकि इसकी टेस्टिंग करने में भी ऐसी ही रेडिएशन निकलेगी जिससे समुद्रो का पानी खराब होने लग जायेगा.

रूस की गलती भुगतेगी दुनिया, समंदर बन सकते है रेडियोएक्टिव
अगर रूस इस तरह से इन चीजो की टेस्टिंग करता रहा तो दुनिया भर में समंदर का  पानी धीरे धीरे करके रेडियो एक्टिव हो जायेगा, जो आखिर में तो बादल बनकर के लोगो के ऊपर बरसात के रूप में लौटेगा और ऐसे में लोगो के ऊपर भी रेडिएशन वाली बारिश होने की संभावना होगी. कुल मिलाकर के रूस अगर इस मामले में आगे बढ़ता है तो इस धरती पर पानी का पूरा नाश हो जाएगा.

अमेरिका समेत सारी दुनिया जता रही चिंता, कहा रूस ऐसी गलती न करे
अमेरिका समेत आर्कटिक काउंसिल के लोगो ने भी अभी फ़िलहाल यही कहा है कि ये गलती न करे वरना हमारे आने वाले बच्चो को पीने का पानी भी नसीब नही होगा. आज दुनिया समझदार हो चुकी है और दूसरो से बदला लेने के लिए अपनी ही धरती की ऐसी हालत करना किसी को शोभा नही देता है. इसकी हालत और खराब तब हो जायेगी जब रूस के पीछे अमेरिका और चीन जैसे देश भी ऐसे हथियार बनाने लगेंगे और इसको इस्तेमाल करने की बात तो बादमे आएगी, इसकी टेस्टिंग में ही कितना सारा समुद्र का पानी प्रदूषित हो जाएगा.

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