मोदी ने उठाया ऐसा कदम, चिढकर चीन ने भारत को धमकाना शुरू कर दिया है

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आज चीन बहुत ही अधिक बड़ी शक्ति बन चुका है और वो छोटे छोटे देशो को दबाकर के काफी ऊपर तक जाने की फिराक में भी है, मगर एशिया में उसकी दाल गल नही रही है क्योंकि भारत अभी भी यहाँ पर मौजूद है और जब भी चीन कोई गडबड करता है तो फिर सारे देश चुप हो जाये लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत चुप नही रहता और इस बार तो भारत की सरकार ने ऐसा कुछ किया है जिसके कारण बुरी तरह से बिलबिलाने लग गया है क्योंकि उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया गया है.

डब्लूएचओ चीफ टेद्रोस का किया भारत ने समर्थन, कहा पहले की जांच अपूर्ण अभी और चीन पर और अधिक जांचे हो
आपको मालूम हो तो दुनिया में करोना के फैलने के पीछे चीन का हाथ माना जाता रह है और इसी कारण से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक टीम जांच के लिए चीन में भेजी थी जो कुछ ख़ास सबूत जुटा नही सकी और उसकी बात को अधिकतर देशो ने नकार दिया. इस पर इस संगठन के चीफ ने भी यही कहा कि मुझे लगता है अभी और अधिक गहरी और बड़ी जांच की जरूरत है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस बयान का सपोर्ट करते हुए साफ़ शब्दों में इससे सहमती जताई और कहा कि हाँ बिलकुल हम इनका समार्थन करते है. जो भी इससे समबन्धित देश है यानी चीन इनके ऊपर गहरी जांच होनी चाहिए ताकि दुनिया इसके पूरे सच का मालूम कर सके और जिम्मेदार के ऊपर कार्यवाही भी भारत समेत बाकी देश करने के मूड में आते ही है.

चीन भारत के स्टैंड पर हुआ नाराज, हमे बदनाम करने की कोशिश
चीन भारत के इस तरह के स्टैंड से बहुत ही ज्यादा नाराज हुआ है उसने भारत और इसके साथी देशो को खरी खोटी सुनाते हुए खुदको बदनाम करने का आरोप लगाया है, साथ ही जवाब देने की बाते तो वो हमेशा करता ही है. यही नही चीन ने तो ये तक कह दिया कि अगर हमारी लैब की जांच हो रही है तो फिर आप लोगो के लैब की भी जांच हो, क्योंकि हो सकता है वो वहां से आया हो? चीन अभी इस बात को लेकर के चिन्तित है कि रिपोर्ट्स में उसका सारा सच सामने आ गया तो कई सारे देश उस पर केस कर सकते है और तो और इतिहास में उसका नाम भी खराब अक्षरों में लिखा जायेगा.

पहले भारत के स्टैंड न लेने पर हैरान थी दुनिया, अब भारत ने लिया सबसे बोल्ड स्टैंड
आपको पता हो तो डब्लूएचओ की जब पहली रिपोर्ट आयी थी और उन्होंने चीन की सारी लैब को एक तरह से क्लीन चिट दे दी थी तो दुनिया के 14 बड़े देश जिसमे अमेरिका और इजरायल अदि शामिल थे उन्होंने लिखित रूप से कहा कि वो इस रिपोर्ट को नही मानते है, मगर भारत इस लिस्ट में नही था. लोग हैरान थे कि भारत चीन के खिलाफ सबके साथ मिलकर क्यों नही बोल रहा? शायद भारत अब अकेले और सबसे ज्यादा खुलकर के बोलने के इन्तजार में था जो बोल भी दिया.

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